ज्योतिष शोधार्थी एवं एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान रिसर्च पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी ने बताया कि शुभ संयोग में ऋतुराज वसंत का आगमन कई खुशियां लेकर आएगा। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का प्रारंभ पांच फरवरी को सुबह 3:47 बजे से हो रहा है। पंचमी तिथि का समापन 6 फरवरी को सुबह 3:46 बजे तक मान्य है।
इस बार पांच फरवरी शनिवार को वसंत पंचमी पर शुभ योग बन रहे हैं। मकर राशि में सूर्य, शनि और बुध का एक साथ होना वसंत पंचमी को खास बना रहा है। इससे बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सिद्ध योग भी है। साथ ही पूरे दिन अबूझ मुहूर्त है। ज्योतिष शोधार्थी एवं एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान रिसर्च पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी ने बताया कि शुभ संयोग में ऋतुराज वसंत का आगमन कई खुशियां लेकर आएगा। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का प्रारंभ पांच फरवरी को सुबह 3:47 बजे से हो रहा है। पंचमी तिथि का समापन 6 फरवरी को सुबह 3:46 बजे तक मान्य है। वसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:13 से दोपहर 12:57 बजे तक है। सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 5 फरवरी को सुबह 7:07 से दोपहर 12:35 बजे तक है।
विज्ञापन
वसंत पंचमी के दिन रवि योग शाम 4:09 से अगले दिन सुबह 7:06 बजे तक है। सिद्ध योग पांच फरवरी को शाम 5 बजकर 42 मिनट तक है। वसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय के बाद और पूर्वाह्न से पहले की जाती है। इस बार सिद्ध योग में सरस्वती पूजा होगी। उसके बाद साध्य योग शुरू होगा। बेदी ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन सरस्वती की पूजा करने की परंपरा है। मां शारदे की पूजा के साथ इस दिन को नया कामकाज शुरू करने के लिए बहुत शुभ माना गया है। शिक्षा प्रारंभ करने या किसी नई कला की शुरुआत करने के लिए वसंत पंचमी का दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन कई लोग गृह प्रवेश भी करते हैं। बेदी के अनुसार देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पपीते और केले के फल का दान करना चाहिए। इस दिन अपने गुरु से आशीष लेना न भूलें। उन्हें पीले रंग का कपड़ा दान करें।