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आईजीएमसी में बढ़ने लगे टायफायड के मामले

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पानी का उबालने के बाद ही करें सेवन
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में टायफायड के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। अस्पताल में लगातार टायफायड के मामले आने के बाद चिकित्सकों ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। कहा कि कच्चे फल और दूध का सेवन न करें।
ओपीडी में चेकअप के बाद करवाए जा रहे टेस्ट में रोजाना औसतन 30 की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। हालांकि इनमें से अधिकतर मरीजों को जांच के बाद दवाई घर भेजा जा रहा है। गंभीर रूप से बीमार करीब 12 मरीज अस्पताल में दाखिल हैं। आईजीएमसी में रोजाना 3,500 के करीब ओपीडी होती है। इनमें मेडिसिन, बालरोग और सर्जरी ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इन ओपीडी में आजकल 1,000 मरीज हर रोज चेकअप करवाने आ रहे हैं।
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आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि टायफायड के मामले बढ़ने लगे हैं। यह जल जनित रोग है। लोग कच्चे फल, बेकरी और फास्ट फूड का सेवन न करें। बावड़ी का पानी न पीयें। उबालने के बाद ही पानी का इस्तेमाल करें।
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टायफायड के मुख्य लक्षण
आईजीएमसी के मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि तेज बुखार आना, भूख न लगना, कमजोरी, उल्टी और पेशाब में जलन टायफायड के मुख्य लक्षण हैं। शरीर में ऐसे किसी भी लक्षण के नजर आने पर अस्पताल में जाकर चेकअप करवाएं। साफ-सफाई का अधिक ध्यान रखना चाहिए। ताजे फलों का सेवन करना चाहिए।
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