मल्याणा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर कंपनी ने लगाया ऑनलाइन मानीटरिंग सिस्टम
प्रदेश में पहली बार इस्तेमाल होगी यह तकनीक
रोजाना लेंगे प्लांट से छोड़े जाने वाले सीवेज के सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी से अश्वनी खड्ड में सीवेज छोड़े जाने की शिकायतों के बीच पेयजल कंपनी ने मल्याणा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर ऑनलाइन मानीटरिंग सिस्टम लगा दिया है। इस सिस्टम के लगने से अब प्लांट से छोड़े जाने वाले सीवेज के रोजाना सैंपल लिए जाएंगे।
प्रदेश में पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में यह तकनीक लगाई जाएगी। शहर के मल्याणा में कंपनी का 4.4 एमएलडी की क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। इस प्लांट से हर साल अश्वनी खड्ड में बिना ट्रीट किए सीवेज छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हाल ही में सोलन जिला के साधूपुल में कुछ लोगों ने खड्ड के पानी में सीवेज छोड़े जाने के वीडियो तक बना लिए थे। अब कंपनी ने इस प्लांट में आनलाइन मानीटरिंग सिस्टम लगा दिया है। इस प्लांट से अब जो भी सीवेज छोड़ा जाएगा, वह इस सिस्टम से होकर गुजरेगा। सिस्टम में लगे सेंसर बताएंगे कि छोड़ा जा रहा सीवेज ट्रीट किया है या नहीं। सिस्टम में ट्रीट किए जाने वाले सीवेज के पैरामीटर तय किए हैं। रोजाना इनकी सैंपल रिपोर्ट ऑनलाइन ही कंपनी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास पहुंच जाएगी। यदि किसी दिन बिना ट्रीट किए सीवेज अश्वनी खड्ड में छोड़ा गया तो उसकी रिपोर्ट बोर्ड के पास पहुंच जाएगी और इस आधार पर कंपनी पर कार्रवाई की जा सकेगी।
पहली बार इस्तेमाल की यह तकनीक : एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम गोपाल कृष्ण ने बताया कि शहर के सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर यह तकनीक लगाई जा रही है। इसकी रोजाना रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जमा होगी। प्रदेश में पहली बार इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। एसटीपी को अपग्रेड करने का काम भी कंपनी कर रही है।