शिमला की मंडियों से हर साल लाखों रुपये का सेब बाहरी राज्यों की मंडियों को भेजा जाता है। सेब ढुलाई के लिए हिमाचल, पंजाब सहित हरियाणा राज्यों के ट्रकों का इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस और प्रशासन हालांकि ट्रकों की पूरी वैरिफिकेशन करने के बाद ही उन्हें ढुलाई के कार्य के लिए लगाती है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग बागवानों को गच्चा देकर निकल जाते हैं। हर साल सेब सीजन के दौरान बागवानों के साथ इस तरह की ठगी के मामले सामने आते रहते हैं।
यही नहीं कई बार बागवानों को बेहोश कर शातिर उनकी नकदी तक उड़ा ले जाते हैं। पुलिस और प्रशासन हालांकि सेब सीजन के दौरान जगह-जगह चेकिंग के लिए नाके तथा केंद्र स्थापित करता है। इसमें हर ट्रक और चालक के प्रमाणपत्रों की जांच की जाती है।
इसके बाद ही सेब ढुलाई के कार्य में ट्रकों को शामिल किया जाता है।डीएसपी अभिमन्यु वर्मा ने कहा कि मामला दर्ज कर दिया गया है। छानबीन की जा रही है। लापता ट्रक चालकों को बहुत जल्द पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को लेकर संबंधित राज्य की पुलिस से भी संपर्क कर रही है।