कबायली क्षेत्र पांगी में खुरमुंह बीमारी की चपेट में आने से दो हजार भेड़-बकरियां मर गई हैं। करीब दस हजार जानवर बीमारी से ग्रस्त बताए जा रहे हैं। पांगी घाटी से चुराह लौटते समय भेड़ और बकरियां बीमारी की चपेट में आई बताई जा रही हैं। प्रभावित पशु पालकों ने विभाग को रिहायशी इलाके में पहुंचने से पहले वैक्सीनेशन सुविधा की मांग की है।
जानकारी अनुसार भेड़ पालक गर्मी के सीजन में पांगी घाटी का रुख करते हैं। बरसात के दिनों में भेड़-बकरियों के साथ यह लोग चुराह लौट आते हैं। वापसी के इसी क्रम में भेड़-बकरियां खुरमुंह की बीमारी की चपेट में आ गईं। भेड़ पालक पवन कुमार, जगदीश, शामलाल, राजकुमार, बिंदू ने बताया कि उनकी दो हजार बकरियां पिछले कुछ हफ्तों के दौरान मारी जा चुकी हैं।
विभिन्न भेड़ पालकों की करीब दस हजार भेड़ बकरियां अब भी बीमारी की चपेट में हैं। वे चुराह लौट रहे हैं। चुराह से पहले पट्टनण जोत पड़ाव पर इन लोगों ने वैक्सीनेशन की सुविधा मांगी है। वैक्सीनेशन न होने पर चुराह में बीमारी फैलने का खतरा है। वर्तमान में ये भेड़पालक अपने माल-मवेशियों के साथ अधांग के गोठ, हुड़ान, डिल्ली खड्ड, नौसराधार में पहुंचे हैं।
पशुपालन विभाग के उपनिदेेशक रवि प्रकाश ने बताया कि उन्हें इस बारे कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि ऐसी बात है तो पांगी स्थित विभाग के कर्मचारियों को निर्देश जारी कर बीमारी का पता कर समस्या का समाधान किया जाएगा।