आईजीएमसी प्रबंधन की बड़ी लापरवाही से अस्पताल की लिफ्ट में तीमारदारों की जान अटक गई। अचानक चलती लिफ्ट जवाब दे गई और बीच में अटक गई। लिफ्ट में सवार दो लोग करीब 15 मिनट तक इसमें फंसे रहे। ये अस्पताल में भर्ती अपने मरीज की दवा लाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए थे। लिफ्ट के अचानक रुक जाने से दोनों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
जब लिफ्ट काफी देर तक नहीं चली तो एक व्यक्ति ने हिम्मत दिखाकर मरीज के साथ आए एक अन्य तीमारदार को मोबाइल पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर लिफ्ट रुक गई थी। बताया जा रहा है कि रविवार को लिफ्ट की मरम्मत का काम चल रहा था। हैरानी इस बात की है कि लिफ्ट के बाहर अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसकी कोई जानकारी लिखित में नहीं दी गई।
दोपहर करीब एक बजे दोनों व्यक्ति लिफ्ट में सवार हो गए। कुछ ही देर बाद अचानक लिफ्ट हिचकोले खानी लगी और लाल बत्ती जल उठी। लिफ्ट के रुकते ही दोनों व्यक्तियों ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। इसी बीच मोबाइल से इसकी सूचना बाहर पहुंचाई गई। परिचित व्यक्ति किसी तरह इलेक्ट्रिकल विंग में पहुंचा और सारी घटना की जानकारी दी।
कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लिफ्ट में आई खराबी को दूर किया, बावजूद लिफ्ट खड़ी रही। इससे कर्मचारियों के भी होश उड़ गए। इसी बीच कुछ देर बाद लिफ्ट खुद ही चल पड़ी। करीब 15 मिनट तक दोनों लोगों की सांसें लिफ्ट में अटकी रहीं। लिफ्ट के नीचे पहुंचते ही दोनों लोगों को बाहर निकाला गया। दोनों सहमे हुए लग रहे थे।
तीमारदारों ने प्रबंधन को जमकर कोसा
दोपहर बाद ब्लॉक- सी में लिफ्ट बंद होने के कारण अस्पताल आए मरीजों ने प्रशासन को जमकर कोसा। यहां आए पवन, सोनू और मयंक ने बताया कि गंभीर मरीजों को हर वक्त यहां से लाया और ले जाया जाता है, लेकिन लिफ्ट की मरम्मत तथा लिफ्ट बंद होने जैसे कोई सूचना यहां पर नही दर्शाई गई है। मरम्मत करने वाली कंपनी को मरीजों तथा अस्पताल आए लोगों की कोई चिंता नही है।
ऐसे मामले की जानकारी नहीं
इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चंद ने बताया कि अस्पताल में कुछ ही समय पहले नयी लिफ्ट लगाई है। लिफ्ट बंद होने का व उसमें लोगों के फंसे होने का मामला कोई मामला उनके ध्यान में नही है।
मरम्मत कार्य की सूचना तक नहीं दी
अस्पताल में लिफ्ट की मरम्मत का कार्य चल रहा था। लेकिन आसपास लिफ्ट बंद होने की कोई चेतावनी नही लगाई गई थी। बिना सूचना पढ़े दोनों लोग अंदर चले गए और फंस गए।