2.824 किलोग्राम अफीम के साथ दो नेपाली गिरफ्तार
चोर रास्ते से नेपाल से लाई जा रही नशे की सामग्री
उत्तराखंड से यूपी होते हुए हिमाचल पहुंच रही अफीम
हिमाचल में नशीले पदार्थों के तीन गुना अधिक दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शिमला पुलिस की एसआईयू टीम ने शुक्रवार देररात नेपाली मूल के दो लोगों को 2.824 किलोग्राम अफीम के साथ पकड़ा है। इनकी पहचान विजय (22) पुत्र कोली नायक, जिला रूकम आंचल रेवती और टिका राम (40) पुत्र मणी गिरि, जिला कपिलवस्तु आंचल लुमानी निवासी नेपाल के तौर पर हुई है। एसआईयू प्रभारी अंबी लाल राणा की अगुवाई में टीम ने पंजाब रोडवेज की बस की जांच के दौरान यह नशीला पदार्थ आरोपियों से पकड़ा।
आरोपियों ने जांच में बताया कि नेपाल और उत्तराखंड की सीमाओं से चोर रास्ते से होकर वह यहां तक पहुंचे। जंगलों से होकर आने के कारण वह पुलिस के हत्थे नहीं चढे़। नेपाल के मुकाबले हिमाचल में अफीम के दाम तीन गुना अधिक हैं। नेपाल से एक किलो अफीम 80 हजार में मिलती है। हिमाचल में 2.50 लाख रुपये प्रतिकिलो अफीम बिक जाती है।
हिमाचल में नशे की सप्लाई पहुंचाने का सबसे आसान जरिये उत्तराखंड की सीमा है। उत्तराखंड और नेपाल की करीब एक दर्जन सीमाएं आपस में जुड़ी हैं। इसमें कई चोर रास्तों से ड्रग पैडलर आसानी से नशीले पदार्थ की सप्लाई इधर से अधर तक पहुंचाते हैं। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले नेपाल से उत्तराखंड में पैैदल प्रवेश किया। इसके बाद हरिद्वार पहुंचे फिर हरिद्वार से सहारनपुर होकर चंडीगढ़ आए। यहां से दोनों लुधियाना-शिमला रूट की बस में शिमला आ रहे थे। शिमला में उन्होंने अफीम की सप्लाई देनी थी। लेकिन इससे पहले वह शोघी चेक पोस्ट के पास एसआईयू के हत्थे चढ़ गया। बालूगंज थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने बताया कि आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली है। पुलिस अब पता लगा रहा है कि आरोपी यहां किसको सप्लाई देने वाले थे।
अब तक 28 किलो नशीला पदार्थ बरामद
पुलिस की एसआईयू टीम 2021-22 में नेपाल के लोगों से करीब 28 किलो अफीम और चरस अब तक पकड़ चुकी है। इसमें आठ मामलों में 16 किलो अफीम और सात मामलों में 12 किलो चरस शामिल है। सभी मामलों में चरस और अफीम एक किलो से ज्यादा की थी।