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कांग्रेस में फिर पैदा हुए 20 साल पुराने हालात, अध्यक्ष पद के लिए छिड़ी जंग

Fri, 26 May 2017 02:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल कांग्रेस में बीस साल पुराने हालात दोबारा पैदा हो गए हैं। उस वक्त भी वीरभद्र सिंह ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू को युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनने से रोकने का प्रयास किया था। इसके बावजूद सुक्खू युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए थे।
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वर्ष 1998 में भी सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ वीरभद्र सिंह ने मोर्चा खोला था। उन्होंने बाकायदा ऑस्कर फर्नांडीस को पत्र भेजा था। इन दिनों सीएम वीरभद्र सिंह का लिखा बताया जा रहा पत्र सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है।

इस पत्र के अनुसार सीएम वीरभद्र सिंह ने सुक्खू को पंडित सुखराम का भी करीबी बताया है। ये मालूम रहे कि 1998 में पंडित सुखराम ने कांग्रेस से अलग होकर हिमाचल विकास कांग्रेस बनाई थी जिसने धूमल सरकार को सहयोग दिया था।
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पढ़िए क्या लिखा है लैटर में

उन्होंने आगे लिखा था कि इस युवा कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में गलत संकेत जाएगा। वीरभद्र ने ये भी कहा था कि इस मामले को प्रदेश में किसी गैर पक्षपातपूर्ण स्रोत से भी पता किया जा सकता है।

वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस के राज्य प्रभारी ऑस्कर फर्नांडीस को पत्र लिखा था कि अगर युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष को बदलने के लिए कोई अभियान चल रहा हो तो डॉ. प्रमोद शर्मा को हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए।

वे पूर्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष को भी पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर प्रमोद शर्मा को भी किन्हीं कारणों से ये जिम्मेवारी नहीं दी जाती है तो हर्षवर्धन चौहान या कुमारी रेणुका डोगरा को युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए।

वीरभद्र सिंह ने सुक्खू को इस पद के लिए गलत उम्मीदवार करार दिया था। इस विषय में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किसी टिप्पणी से इनकार किया।
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