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शांता खेमे का पलटवार, पूछा क्या नालायकों को दी थी टिकट

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देहरा के विधायक रविंद्र रवि के खिलाफ शांता खेमे के सियासी हमले जारी हैं। शुक्रवार को पूर्व मंत्री किशन कपूर सहित संगठनात्मक भाजपा जिला कांगड़ा अध्यक्ष हिंदवीर कोहली, महामंत्री उत्तम चंद चौधरी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष देसराज, नगरोटा बगवां से मंगल चौधरी, जिला सचिव राकेश चौहान ने संयुक्त बयान में रविंद्र रवि पर शब्द बाण चलाए।
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पूर्व मंत्री सहित आधा दर्जन नेताओं ने रविंद्र रवि से पूछा कि अगर कांगड़ा में भाजपा शांता कुमार की बदौलत हारी तो जिनको पार्टी ने टिकट देकर चुनाव लड़वाया, क्या वे सभी नालायक थे? क्या रविंद्र रवि यह कहना चाहते हैं कि टिकट वितरण करने वाली प्रदेश की सर्वोच्च समिति के सामने शांता ने सभी को मनमाने ढंग से टिकट दिलवाई।

समिति में भाजपा के कई दिग्गज नेता क्या मूकदर्शक बनकर सिर्फ मुहर ही लगाते रहे। शांता कुमार पर छींटाकशी करने से पहले विरोधी भी कतराते हैं, लेकिन वरिष्ठ नेता पर अपनी ही पार्टी के नेता की बयानबाजी गलत है। रवि को हासिल मुकाम शांता कुमार की वजह से ही है।
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सफाई देने के बजाय शांता कुमार को घेर रहे भाजपा नेता : कांग्रेस

वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल भाजपा के नेता फोन टैपिंग के मुद्दे पर सफाई देने के बजाय शांता कुमार के ऊपर आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने फोन टैपिंग का मुद्दा उठाया और इसमें सीबीआई से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अवैध फोन टैंपिंग का मुद्दा 2012 के विधानसभा चुनाव में भी उठाया था और इस मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार जिनसे प्रदेश में भाजपा की पहचान है, उनका बयान कांग्रेस द्वारा पूर्व भाजपा सरकार पर लगाए गए सभी आरोपों को साबित करता है।

उन्होंने कहा कि अब तो पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल चुप्पी तोड़कर नैतिकता के आधार पर इस मुद्दे पर जनता के समक्ष अपना पक्ष रखें। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल से पूछा कि वह प्रदेश की जनता को बताएं कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान किस आधार पर लोगों के फोन टैप किये गए थे और जिन-जिन लोगों के फोन टैप किए गए थे, क्या वे आपराधिक छवि, असामाजिक तत्व या आंतकवादी थे।
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