विधानसभा में शुक्रवार को भाजपा विधायकों के लगातार नारेबाजी कर कार्यवाही में बाधा डालने के प्रयास को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शर्मनाक बताया है। कार्यवाही स्थगित होने के बाद अपने दफ्तर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल को अपरिपक्व नेता बताया है।
सीएम ने भाजपा विधायकों के सदन के भीतर मच्छर मार मुख्यमंत्री के नारे पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, ‘अगर मैं मच्छर मार होता तो ये मच्छर कैसे बच जाते? विधानसभा में भाजपा विधायक गंदी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस भाषा के वे नारे लगा रहे थे, वह सभ्य भाषा नहीं है।
कांग्रेस हमेशा सभ्य भाषा का इस्तेमाल करती है। सदन के भीतर गाली गलौज करना, गंदे नारे लगाने की प्रजातंत्र इजाजत नहीं देता। न ही नियम इजाजत देते हैं। इससे पता लगता है कि धूमल की इस हद तक कुंठा है।’
'बौखला गए हैं प्रेम कुमार धूमल'
सीएम ने प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर का नाम लेकर कहा, ‘दरअसल स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को दोनों के खिलाफ सबूत मिल रहे हैं। कुछ मामलों में अदालत में चालान पेश हो चुके हैं और कुछ में होने वाले हैं। उन मामलों का सेंक दोनों तक पहुंच रहा है। इसलिए वे बौखला गए हैं। अपनी झेंप मिटाने के लिए वे सदन में इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।
अब यह स्पीकर को देखना है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हिमाचल प्रदेश के लोग मुझे अच्छी तरह जानते हैं। मुझे किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है तो धूमल या भाजपा विधायक ऐसे आरोप कैसे लगा सकते हैं।’ शुक्रवार को सदन में उनके खिलाफ प्रयोग की गई भाषा पर क्या वे विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे के सवाल पर सीएम ने कहा कि वे अभी देखेंगे।
वे भाजपा के हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं मगर गाली-गलौज का जवाब कैसे दे सकते हैं। भाजपा विधायक तो किसी भी हद तक जा सकते हैं और वे जो आरोप लगा रहे हैं उनके पास क्या साक्ष्य हैं?
निर्दलीय विधायकों का हमें समर्थन
चार निर्दलीय विधायकों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सरकार को समर्थन देने के मामले में सीएम ने कहा कि वे पहले दिन से सरकार को समर्थन दे रहे हैं। कोई भी निर्दलीय विधायक किसी को भी समर्थन दे सकता है और उस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। झारखंड में तो एक निर्दलीय विधायक ही मुख्यमंत्री बन गए थे।
मैं दिल्ली नहीं जा रहा हूं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है बल्कि यह मीडिया की देन है। उन्होंने कहा, ‘मैंने छुट्टियों में दिल्ली जाना था मगर मैं दिल्ली इसलिए नहीं जा रहा हूं कि अगर मैं दिल्ली चला गया तो मीडिया अन्यथा लेकर सुर्खियां बना डालेगा कि हाईकमान के पास पहुंचे हैं।’