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दहशत में लोग, धंसने लगा गांव

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तांगणू जांगलिख के फिष्टवाणी गांव में पहाड़ी धंसने लगी है। इससे सैकड़ों साल पुराने प्रसिद्ध जाख देवता मंदिर, माध्यमिक पाठशाला भवन, महिला मंडल भवन और विश्राम गृह सहित करीब 40 घरों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी में पड़ी दरारों को देख कर लोग खौफ में है।
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बरसात में रात के समय लोगों की नींद गायब हो गई है। लोगों ने एसडीएम रोहड़ू को इसकी सूचना दे दी है। ग्रामवासी महावीर नेगी, मंदिर कमेटी के सदस्य मोतमीन मिचर सेन नेगी, राज कुमार, हेमराज, रविंद्र नाथ, देवी दत्त, सैज राम, महानंद, मुनीश कुमार, दौलत राम, सुंदर लाल, ओम प्रकाश, मोहन सिंह, सीता राम ने बताया कि फिष्टवाणी गांव के नीचे की पहाड़ी पर पहले से भूस्खलन चल रहा है।

बताया कि तांगणू रमई विद्युत परियोजना की सुरंग निर्माण के बाद पहाड़ी में बड़ी-बड़ी दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं। ग्रामीणों ने पहले भी परियोजना प्रबंधन और प्रशासन को इसकी सूचना दी। अब बरसात से पूरी पहाड़ी धंसनी शुरू हो गई है। जिससे फिष्टवाणी गांव को खतरा हो गया है।
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ग्रामीणों ने रोका परियोजना का निर्माण

फिष्टवाणी गांव के लोगों ने निर्माणाधीन तांगणू रमई विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य रोक दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि परियोजना प्रबंधन और प्रशासन पहले ग्रामीणों की सुरक्षा का प्रबंध करे, उसके बाद ही परियोजना के निर्माण का काम शुरू करने दिया जाएगा।

रिपोर्ट के लिए भेजी टीम
ग्रामीणों ने एसडीएम रोहड़ू से मिल कर मांग की है कि फिष्टवाणी गांव को दूसरे स्थान पर पुनर्वासित करने की व्यवस्था की जाए। उधर, एसडीएम का कहना है कि ग्रामीणों के आग्रह के बाद प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग की टीम को मौके पर रिपोर्ट के लिए भेज दिया गया है।

खतरे से खाली नहीं कोछड़ी स्कूल

रामपुर बुशहर के कोछड़ी स्कूल भवन पर खतरा मंडरा रहा है। यह कभी भी धंस सकता है। स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 39 बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्कूल भवन के कुछ पिल्लर हवा में लटक गए हैं। स्कूल के कमरों में बरसात के पानी की रिसाव हो रहा है। इससे भवन को और खतरा पैदा हो गया है।

कमरों में पानी भरने के कारण बच्चे और शिक्षक परेशान हो रहे हैं। एसएमसी के प्रधान कलम सिंह, पदेन सदस्य हेमा देवी का कहना है कि स्कूल को चारों ओर से खतरा बना हुआ है। स्कूल के नीचे की तरफ  जमीन धंस रही है।

स्कूल के पीछे से भूस्खलन के कारण कमरों को खतरा बना हुआ है। स्कूल में नालियां न होने से पानी अंदर आ रहा है। कभी भी हादसा हो सकता है।
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उप निदेशक को बताई समस्या

प्राथमिक शिक्षा खंड सराहन के बीईपीओ अमोलक राम का कहना है कि इस बारे में उन्होंने उप निदेशक को पत्र के माध्यम से अवगत करवा दिया गया है।

एसडीएम रामपुर दलीप नेगी का कहना है शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात कर इसे जल्द ठीक करवाया जाएगा। यदि भवन को ज्यादा खतरा है, तो बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा।

स्कूल में गत सप्ताह गैस रिसाव के कारण धमाका हुआ था। इसमें सात मासूम गंभीर रूप से झुलस गए थे। एक मासूम ने आईजीएमसी शिमला में दम तोड़ दिया था।
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