आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुख्यमंत्री के ठिकानों पर सीबीआई छापेमारी के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। बीते शनिवार को भाजपा के महासचिव रणधीर शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ मंत्री और विधायक उनके संपर्क में हैं तो अब सीएम के करीबी ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा है कि भाजपा में कई नटवरलाल हैं।
रणधीर शर्मा इन्हीं में से एक हैं। रणधीर निराधार और बेतुकी बयानबाजी से लोगों का ध्यान बांटने और मीडिया की सुर्खियों में बने रहने की फिराक में रहते हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पूरी पार्टी, मंत्री-विधायकों और लोगों का समर्थन है।
निर्दलीय विधायकों ने सरकार को लिखित में समर्थन देकर मुख्यमंत्री के साथ खड़े होने की बात कही है। इससे भाजपा नेता हताश हैं। इन्हें सरकार को गिराने के सपने देखना बंद कर देना चाहिए। वीरभद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में सरकार स्थिर है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
नटवर लाल तो कांग्रेस में साक्षात हुए हैं: रणधीर
भाजपा के राज्य महासचिव रणधीर शर्मा ने कहा है नटवर लाल तो कांग्रेस में ही हुए हैं। कांग्रेस में ये साक्षात हुए हैं। कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी में झांकें। उन्होंने जो कुछ कहा है, वह उस पर कायम हैं। कांग्रेस विधायक और निर्दलीय विधायक ही नहीं, बल्कि सरकार के कुछ मंत्री तक भाजपा के संपर्क में हैं। कांग्रेस सरकार के मंत्री दूसरों के बारे में बोलने से पहले अपनी पार्टी की चिंता करें।
प्रदेश भाजपा के महामंत्री व विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि पांच अक्तूबर को विधायक दल की बैठक में वीरभद्र सिंह के विरुद्ध रणनीति तय की जाएगी। राज्यपाल से मिलकर सरकार की बर्खास्तगी की मांग उठाई जाएगी। प्रदेशव्यापी आंदोलन की भी रणनीति तैयार की जाएगी। अदालत के फैसले पर भी कांग्रेस के नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। अदालत ने किसी भी प्रकार की राहत वीरभद्र सिंह को नहीं दी है।
बोले, कुछ मंत्री भी भाजपा के संपर्क में
कहा कि कांग्रेसी विधायक ही नहीं, बल्कि कुछ मंत्री भी भाजपा के संपर्क में है। रणधीर शर्मा रविवार को कोटला कलां में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। रणधीर ने कहा कि कांग्रेस का प्रदेश में अब कोई वजूद नहीं बचा है। मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार की एफआईआर दर्ज होने के बावजूद इस्तीफा न देने से साबित होता है कि वीरभद्र सिंह दोषी हैं।
पूरी सरकार जनता की समस्याओं से बेखबर होकर महज वीरभद्र को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहकर वीरभद्र सिंह सत्ता का प्रयोग अपने विरुद्ध चल रहे मामले को दबाने व जांच को प्रभावित के लिए कर रहे हैं।
भाजपा विधायक दल की बैठक आज, राज्यपाल को देंगे ज्ञापन
हिमाचल भाजपा सोमवार को विधायक दल की बैठक के बाद दोपहर करीब 12:00 बजे राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन देगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर सीबीआई कार्रवाई के बाद भाजपा ने सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तेज कर दी है। भाजपा इस मुद्दे पर सरकार की बर्खास्तगी की मांग करेगी। बैठक सोमवार सुबह दस बजे पीटरहॉफ शिमला में बुलाई गई है।
यह बैठक पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की अध्यक्षता में होगी। इसमें सभी भाजपा विधायकों को बुलाया गया है। बैठक में भाजपा आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श करेगी। बीते शनिवार को भाजपा के प्रदेश महासचिव रणधीर शर्मा ने दावा किया था कि कांग्रेस के कुछ मंत्री, विधायक और निर्दलीय विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।
उन्होंने साथ ही यह भी कहा था कि पांच अक्तूबर की बैठक में इस पर भाजपा की आगामी रणनीति भी स्पष्ट होगी। अब इस बैठक पर सभी की नजरें हैं।
जोड़-तोड़ की राजनीति पर विश्वास नहीं: शांता
प्रदेश भाजपा के सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों के संपर्क में होने के दावे के दूसरे दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार ने कहा है कि वे कभी जोड़-तोड़ की राजनीति पर विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि जोड़-तोड़कर सरकारें बनाना ठीक नहीं है। विचारधारा से कोई पार्टी बदले तो समझ आता है लेकिन संकट के समय पार्टी नहीं बदलनी चाहिए। यह व्यक्तिगत और जोड़-तोड़ की राजनीति है।
शांता ने कहा कि नैतिक मूल्यों के आधार पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अपने पद पर बने नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनके कई स्थानों पर सीबीआई छापे पड़े हैं। प्रदेश में इस समय अस्थिरता का माहौल है। विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। सरकार की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। साफ है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार पूरी तरह से नाकाम हुई है।
सोमवार को शिमला में भाजपा की ओर से राज्यपाल को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ सौंपे जाने वाले ज्ञापन कार्यक्रम में शांता शामिल नहीं होंगे। शांता ने कहा कि वे किन्हीं कारणों से शिमला नहीं जा पाएंगे। हालांकि वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्हें पार्टी की ओर से संदेश आ गया है। वे इस विषय पर पार्टी के साथ हैं।