अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने पर नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने भी भाड़ा कम कर दिया है। दो रुपये 25 पैसे डीजल के दाम कम होने से 70 पैसे प्रति किलोमीटर भाड़ा घटाने का फैसला लिया है।
ट्रक यूनियन का बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ के साथ पहले ही लिखित रूप में फैसला हुआ है कि अगर एक रुपये डीजल दाम बढ़ता है तो 35 पैसे भाड़ा अपने आप बढ़ जाएगा।
एक रुपये डीजल का कम होता है तो भाड़ा 35 पैसे प्रति किमी कम हो जाएगा। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ऑटो किराया भी कम हो चुका है।
एक साल में 12 रुपए घटे दाम
यूनियन के प्रधान विद्या रतन ने कहा कि फरवरी 2014 को डीजल के दाम करीब 58 रुपये प्रतिलीटर थे। वर्तमान में यह करीब 46 रुपये है। एक साल में डीजल की प्रति लीटर कीमत 12 रुपये तक घटी है।
एक साल में प्रति किमी 4 रुपये 20 पैसे तक भाड़ा कम कर दिया है। अब तक सात बार रेट कम किए जा चुके हैं। ट्रक संचालकों के खर्चे कम हो गए हैं। पहले जहां 50 हजार लगते थे, वहां चालीस हजार रुपये खर्च हो रहे हैं।
ट्रक संचालक परमजीत सिंह पम्मी, पृथ्वीराज कौशल, हरनेक ठाकुर, कृष्ण कौशल, श्याम चौधरी, दीपू पंडित, दिनेश कौशल, सतीश कौशल ने बताया कि डीजल के दाम कम होने से ट्रक संचालकों को तो फायदा हुआ है, वहीं आम लोगों को भी राहत मिली है।
अब बीबीएन से ये होगा नया किराया
बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि डीजल के दाम पूरे देश में कम हुए है। इससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। ट्रक यूनियन के साथ जो एग्रीमेंट हुआ है, उसके हिसाब से भाड़ा पहले से कम हुआ है। जिन उद्योगों में डीजी सेट चलते है, वहां डीजल के दाम कम होने से जरूर फर्क पड़ा है।
स्थान=========भाड़ा पहले======अब
दिल्ली==========11455==========11190
कोलकाता========44190=========42930
जयपुर==========15890=========15465
मनेसर==========12670=========12355
बंगलूरू==========59000=========57215
सोलन==========6520===========6455
शिमला==========8875==========8785
चंबा============18035=========17035
मंडी============8970==========8865
पांवटा साहिब======9975==========9850
सात फरवरी से परवाणू में घटेगा किराया
ट्रक यूनियन परवाणू के अध्यक्ष बावा हरदीप सिंह ने कहा कि परवाणू ट्रक यूनियन ने भी किराए में कटौती की है। संयुक्त बैठक में परवाणू में यूनियनों ने दो फीसदी किराया कम किया है। यह किराया 7 फरवरी से कम होगा। डीजल की कीमतें कम होने पर यह फैसला लिया है।