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उद्घाटन से पहले ही उखड़ गई टारिंग

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महापौर के संजौली वार्ड का मामला, रात को आनन फानन में करवाई गई टारिंग
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सुबह करवा दिया शहरी विकास मंत्री से करवा दिया उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के संजौली क्षेत्र में नगर निगम की ओर से तैयार की गई नार्थ ओक सड़क उद्घाटन से पहले ही उखड़ गई। उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक पहले दो गाड़ियां यहां से गुजरीं लेकिन कच्ची टारिंग में इनके टायर स्किड हो गए। कुछ देर के लिए गाड़ियां नई सड़क के तीखे मोड़ पर फंसी भी रहीं।
किसी तरह चालकों ने गाड़ियां तो निकाल लीं लेकिन सड़क जगह-जगह से उखड़ गई। इसके बाद शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज से इसका उद्घाटन करवाया गया। मौके पर मौजूद लोग भी टारिंग देख हैरान थे। संजौली चौक से नार्थओक की इस सड़क का निर्माण कार्य पहले भी विवादों में रहा है। तीन साल पहले नगर निगम ने 32 लाख खर्च कर यह सड़क बनाई थी लेकिन उस समय इस पर गाड़ियां चढ़ ही नहीं पाई।
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अब दोबारा सड़क बनाई तो इसका खर्चा 50 लाख तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के एक हिस्से पर मंगलवार तक टारिंग नहीं हो पाई थी। इसी बीच महापौर ने मंत्री से उद्घाटन का समय ले लिया। पता चलते ही निगम प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। टारिंग का काम पूरा करने के लिए मंगलवार शाम ठेकेदार को बुलाया गया। रात 12 बजे से इसकी टारिंग शुरू हुई जो तड़के सुबह तक जारी रही।
चंद घंटे बाद सुबह 11:30 बजे शहरी विकास मंत्री सड़क के उद्घाटन के लिए पहुंचने ही वाले थे कि इससे पहले नार्थ ओक के लिए दो गाड़ियां रवाना र्हुइं। कच्ची और हल्की टारिंग इनके पहियों से उखड़ गई। निगम के सहायक अभियंता गोपेश बहल ने कहा कि टारिंग अच्छी हुई है। कच्ची टारिंग पर गाड़ी चलने से कुछेेक जगह बजरी निकली है, इसे दोबारा ठीक करने को कहा है।
वार्डों की सड़कें हैं खस्ताहाल
निजी रोड की करवा दी टारिंग
शिमला। राजधानी में जाखू, कनलोग, विकासनगर समेत आधा दर्जन वार्डों की सड़कें खस्ताहाल हैं। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। लेकिन इन सड़कों की हालत सुधारने की बजाय नगर निगम वीआईपी और चहेतों के घर को जोड़ने वाली सड़कें चमका रहा है। संजौली में निजी जमीन पर बनी एक सड़क की टारिंग सवालों के घेरे में है। यह सड़क नगर निगम के अधीन नहीं है, लेकिन इसके बावजूद नेताओं के दबाव में इसकी टारिंग करवा दी गई। सवाल उठने के बाद नगर निगम दावा कर रहा है कि इस सड़क पर की गई टारिंग का पैसा ठेकेदार को नहीं दिया जाएगा।
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नगर निगम के सहायक अभियंता गोपेश बहल ने कहा कि यह सड़क निजी जमीन पर बनी है, इसकी टारिंग का पैसा निगम नहीं देगा। इस बारे में कनिष्ठ अभियंता को भी कह दिया है। वहीं टारिंग करने वाले ठेकेदार का दावा है कि निगम के कहने पर ही इस सड़क की टारिंग की गई। बाकायदा निगम के कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। जाखू पार्षद अर्चना धवन ने कहा कि उनके वार्ड में सड़कों पर पैचवर्क नहीं किया है। अफसर काम लटका रहे हैं। इस पर जवाब मांगा जाएगा। विकासनगर पार्षद रचना भारद्वाज और कनलोग पार्षद बृज सूद ने कहा कि उनके वार्ड में भी अभी तक सड़क की टारिंग शुरू नहीं की है।
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