ट्रैकिंग प्रेमी रोमांच के साथ मणिमहेश जाकर पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन कर रहे हैं। अधिकारिक तौर पर जब मणिमहेश यात्रा चलती है तब ट्रैकिंग प्रेमी मणिमहेश यात्रा पर कम जाते हैं। भीड़ खत्म होने के बाद वे एकांत में कैलाश पर्वत के दर्शन करने के साथ पवित्र डलझील में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके लिए ट्रैकिंग प्रेमी नवंबर में मणिमहेश जाते हैं। इस मौसम को ट्रैकिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। क्योंकि इस मौसम में बाढ़ या भारी बरसात होने की आशंका काफी कम रहती है।
ऐसे में ट्रैकिंग प्रेमी इन दिनों मणिमहेश जा रहे हैं। रोजाना भरमौर से चार या पांच लोगों का दल मणिमहेश के लिए रवाना हो रहा है। यह दल अपने रिस्क पर मणिमहेश जाते हैं। हालांकि स्थानीय लोगों की तरफ से धन्छौ और डलझील के पास अस्थायी दुकानें लगाई गई हैं। वे दीवाली तक वहां रहते हैं। ऐसे में इन ट्रैकिंग प्रेमियों को इन दुकानों में खाने-पीने का सामान मिल जाता है। हालांकि ये लोग अपने साथ खाने-पीने के सामान का पूरा प्रबंध करके जाते हैं।
मणिमहेश में पवित्र डलझील ठंड बढ़ने के कारण जम चुकी है। साथ ही कैलाश पर्वत भी बर्फबारी के कारण सफेद चादर ओढ़ चुका है। वहां ठंड भी काफी बढ़ चुकी है। कड़ाके की ठंड में ट्रैकिंग करते हुए ये लोग मणिमहेश के दर्शन करने को जा रहे हैं। बर्फ में कैलाश के दर्शन करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में भी वायरल कर रहे हैं।