स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने सोमवार को आईजीएमसी अस्पताल में डायरिया पखवाडे़ का शुभारंभ किया। पखवाडे़ के तहत आठ अगस्त तक पूरे प्रदेश में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने एक जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी स्तर पर ही डायरिया से निपटने के लिए सरकार प्रयासरत है। प्रदेश भर के आंगनबाड़ी को ओआरएस का पैकेट दिया जाएगा। प्रत्येक बच्चे को एक पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त तथा आंत्रशोध दूषित जल से फैलने वाले रोग हैं।
यह जानलेवा भी हो सकते हैं। इसके लिए साफ पानी पीना चाहिए। क्लोरीन की गोलियां व जीवन रक्षक घोल हर स्वास्थ्य संस्थान में मुफ्त में उपलब्ध है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डायरिया पखवाड़े के तहत सभी जिलों में 50 स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से पोलियो की तर्ज पर डायरिया पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस अवसर आईजीएमसी से मेडिकल छात्रों और नर्सिंग छात्रों ने रिज मैदान तक जागरूकता रैली निकाली।
पोस्टर प्रतियोगिता भी करवाई गई
रैली में आईजीएमसी के डा. अनिल कांगा, डा. एमएल कौशल, डा. ब्रिज शर्मा, डा. राजेश शर्मा, डा. एसआर माज्टा और डा. अनमोल गुप्ता भी मौजूद रहे। इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
सिस्टर निवेदिता कालेज आफ नर्सिंग की छात्र सुजाता, श्रेया और रोजी पहले स्थान पर रही। दीप्ति, अक्षता और प्रियंका को दूसरा स्थान मिला। जबकि तीसरे स्थान पर पायल, कनिका, अंजू, रीतिका, रजनी और दीक्षा रही। सभी विजेताओं को स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश भी मौजूद रहे।