परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। आपसी तालमेल के चलते यह विवाद हुआ है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। मुख्यमंत्री की बातों को गंभीरता से लेना पार्टी का कर्तव्य बनता है। पार्टी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात की है।
सब कुछ ठीक है। हिमाचल में न तो प्रशासनिक जिले बनेंगे न ही संगठनात्मक जिले होंगे। जैसा पहले से चल रहा है, वैसा ही रहेगा। कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष को हटाए जाने के प्रश्न पर बाली ने कहा कि हाईकमान पार्टी अध्यक्ष बनाती है। अध्यक्ष को हटाना या नए जिम्मेदारी सौंपना हाईकमान के हाथ में होता है।
कांग्रेस नेताओं की राय के बाद ही यह सब होता है। उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ पहले भी अच्छे संबंध थे, अभी भी हैं और आगे भी रहेंगे। लोग बेवजह अफवाह फैलाते रहते हैं। कांगड़ा बड़ा जिला है। फोक्स कांगड़ा पर रहता है। कांगड़ा जिले के सभी कांग्रेसी नेता एक है। संवाद की कमी हो सकती है।
दिसंबर से डिजिटल राशनकार्ड पर ही मिलेगा सस्ता राशन
हिमाचल के राशनकार्ड धारक उपभोक्ताओं को दिसंबर महीने से डिजिटल कार्ड पर ही अब राशन मिलेगा। प्रदेश सरकार ने डिजिटल कार्ड तैयार कर लिए हैं। नवंबर महीने से इन कार्डों को पंचायतों और खाद्य आपूर्ति कार्यालय को भेज दिया जाएगा। सरकार ने डिजिटल राशनकार्डों को एटीएम कार्ड की तर्ज पर बनाया है।
इसमें एक तरफ परिवार के मुखिया का नाम, राशनकार्ड नंबर, जिला और कैटेगिरी दर्शाई होगी, दूसरी ओर परिवार के सदस्यों के नाम और परिवार के मुखिया के हस्ताक्षर होंगे। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले और परिवहन मंत्री जीएस बाली ने शिमला
में आयोजित प्रेस मीट में बताया कि डिजिटल राशनकार्ड बनने से फर्जी राशनकार्ड धारकों की संख्या घटेगी। अभी राशनकार्ड धारक परिवारों की संख्या 18 लाख 18 हजार 399 है। इसमें 1 लाख 54 हजार 276 राशनकार्ड फर्जी है। डिजिटल कार्ड बनाए जाने से यह संख्या 16, 64,123 रहेगी।
जनजातीय क्षेत्रों में बीपीएल की तर्ज पर राशन
खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने कहा कि अगले महीने से सभी राशनकार्ड धारक परिवारों को तीन दालें मिलेंगी। इससे पहले उपभोक्ताओं को परिवार के सदस्यों की संख्या के मुताबिक दालें दी जाती थी। जनजातीय क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 35 किलो राशन दिया जाएगा। अन्य क्षेत्रों के एपीएल उपभोक्ताओं को 6 किलो चावल और 14 किलो आटा दिया जाता है।
ऑनलाइन होंगे राशन के डिपो
बाली ने कहा कि हिमाचल के गोदामों को ऑनलाइन किया गया है। अब प्रदेश सरकार डिपुओं को ऑनलाइन करने जा रही है। इससे यह आसानी से पता चल पाएगा कि कौन से डिपो में राशन है और ऐसा कौन सा डिपो है जहां राशन नहीं है। सिस्टम को ऑनलाइन किए जाने से राशन की गड़बड़ी को आसानी से पकड़ा जाएगा।