जिला प्रशासन ने एसडीएम शहरी की अध्यक्षता में गठित की कमेटी, एक महीने में सर्वे कर मांगी रिपोर्ट क्रॉसर
जाम कम करने के लिए नए सिरे से चिह्नित होंगे बसों स्टॉपेज
लोडिंग-अनलोडिंग पॉइंट भी दोबारा से चिह्नित किए जाएंगे अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सर्कुलर रोड समेत मुख्य सड़कों पर रोजाना लग रहे यातायात जाम को कम करने के लिए जिला प्रशासन यातायात व्यवस्था में बदलाव करने जा रहा है। इसके लिए शहर में लोडिंग-अनलोडिंग के स्थान और बसों के स्टॉपेज अब नए सिरे से चिह्नित करने का फैसला लिया है।
इसके लिए एसडीएम शहरी ओशिन शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में आरटीओ शिमला, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक और निजी बस ऑपरेटरों के एक प्रतिनिधि को शामिल किया है। यह कमेटी एक महीने के भीतर सर्कुलर रोड समेत मुख्य सड़कों का सर्वेक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें इन सड़कों पर लोडिंग-अनलोडिंग के ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएंगे जहां कारोबारियों को कारोबार में आसानी हो और यातायात भी सुचारू रहे। कारोबारियों की मांग पर सर्कुलर रोड पर गंज बाजार और सब्जी मंडी सड़क के पास नए लोडिंग-अनलोडिंग पॉइंट चिह्नित किए जा रहे हैं।
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बसों के स्टॉपेज भी नए सिरे से चिह्नित करने की तैयारी है। जिला प्रशासन के अनुसार स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सर्कुलर रोड समेत अन्य मुख्य सड़कें अब कई जगहों पर चौड़ी की जा चुकी हैं। इनमें चौड़ी जगह पर नए स्टॉपेज बन सकते हैं। बस स्टॉपेज ऐसी जगह चिह्नित किए जाएंगे जहां बसों के रुकने से वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। इसके चलते वर्तमान के कई स्टॉपेज में बदलाव हो सकता है।
अधिसूचित होंगे नए स्टॉपेज
सर्कुलर रोड पर वर्तमान में बस चालकों ने कई स्टॉपेज अपनी मर्जी से ही बना दिए हैं। इनमें कई स्टॉपेज के बीच की दूरी 50 से 70 मीटर से भी कम है। जगह-जगह बस रुकने से सर्कुलर रोड पर वाहनों की रफ्तार थम रही है। यही कारण है कि शहर में यातायात जाम भी लग रहा है। लोकल बस स्टैंड से चलने के बाद संजौली-पंथाघाटी की बसें चंद मीटर आगे ही डीडीयू के गेट पर रुक रही हैं। इसी तरह लिफ्ट, हिमलैंड क्षेत्र में भी अब सौ मीटर के दायरे में दो से तीन स्टॉपेज बना दिए हैं। जिला प्रशासन जनता की सुविधा को देखते हुए नए सिरे से स्टॉपेज चिह्नित करने जा रहा है।
कमेटी से मांगी है रिपोर्ट
शहर में बस स्टॉपेज और लोडिंग अनलोडिंग पॉइंट चिह्नित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। एक महीने में कमेटी इस पर अपनी रिपोर्ट देगी। -पंकज शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर