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बर्फ से ढके रोहतांग को देखने के लिए उमड़ा सैलाब

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करीब पांच महीने बाद बहाल हुए रोहतांग मार्ग के पहले ही दिन लोगों और सैलानियों का सैलाब उमड़ आया है। बर्फ से ढकी रोहतांग की वादियां देखने के लिए यहां लंबा जाम लग गया है। बीआरओ के अधिकारियों ने वीरवार देर शाम ही बर्फ हटाकर रोहतांग मार्ग बहाल कर दिया था।
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बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि अभी इस मार्ग से फोर वाई फोर वाहन की गुजर सकते हैं। ये वो वाहन होंगे जो लाहौल जाने वाले हैं। इसके अलावा मार्ग आज सैलानियों के लिए बहाल नहीं हो पाया है। जल्द ही सैलानियों को भी अनुमति दी जाएगी। मनाली सरचू 222 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सीमा सड़क संगठन ने बर्फ हटाने का कार्य आरंभ 19 मार्च से शुरू कर दिया था। जो 14 मई देर शाम को पूर्ण हो गया।

कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार दो गुना बर्फ थी। उन्होंने कहा कि अभी केवल फोर वाई फोर वाहन ही रोहतांग जाने दिए जाएंगे।
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ये रहेगी व्यवस्‍था

विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे के लिए मनाली से शुक्रवार से कुल 1000 वाहन ही जा पाएंगे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर वही वाहन दर्रे तक जा सकेंगे जिनकी पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) रिपोर्ट नेगेटिव है। यानी जो वाहन ज्यादा धुआं फैलाते हैं उन्हें रोहतांग जाने की अनुमति नहीं होगी।

रोजाना 600 पेट्रोल और 400 डीजल वाहनों को ही अनुमति होगी। जिला प्रशासन ने वशिष्ठ और गुलाबा में दो चौकियां स्थापित की हैं जहां वाहनों की पॉल्यूशन रिपोर्ट चेक होगी। वहीं, नई व्यवस्था के अनुसार जिला कुल्लू के 500 टैक्सी नंबर वाहन रोजाना जाएंगे। जबकि बाहरी राज्यों की 300 टैक्सी और निजी दोनों तरह की गाड़ियां को अनुमति होगी।

अगर स्थानीय लोग और सैलानी लेह जाना चाहते हैं तो उन्हें किसी तरह की रोक नहीं है। पुरानी व्यवस्था के तहत अपना पंजीकरण करवाकर बिना शुल्क जा सकेंगे। हालांकि उन्हें रोहतांग टॉप पर रुकने की परमिशन नहीं होगी। अगर ऐसा करते हैं तो चार गुना फाइन भुगतना होगा। दूसरा लाहौल या लेह जाने वाले वाहन की कोकसर में एंट्री होनी जरूरी है जिससे ये पुष्ट होना कि वाहन आगे जा रहा है।
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