हिमाचल प्रदेश में विमानन कंपनियों का विस्तार न होने का खामियाजा पर्यटकों को भारी-भरकम किराया चुकाकर भुगतना पड़ रहा है। पर्यटन सीजन के चलते कांगड़ा में सेवाएं देने वाली विमानन कंपनियों ने एकाएक हवाई सफर महंगा कर दिया है। यात्रियों को सफर दोगुने दाम चुकाकर करना पड़ेगा। ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइट मेक माई ट्रिप से मिले आंकड़ों के अनुसार 28 मई को धर्मशाला से दिल्ली के लिए न्यूनतम हवाई किराया 6,898 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक है।
इसी दिन धर्मशाला से दिल्ली जाने का किराया 15,954 रुपये से शुरू होकर 20,000 रुपये तक है। अगर हम 29 मई के लिए दर्शाए गए हवाई किराये पर नजर दौड़ाएं तो राजधानी दिल्ली से धर्मशाला आने का न्यूनतम किराया 5,535 रुपये से शुरू होकर 11,966 रुपये तक है। इसी दिन धर्मशाला से दिल्ली जाने का किराया 15,854 से 26,177 रुपये तक दर्शाया गया है।
हैरानी इस बात की है कि ऑफ सीजन के दौरान यह किराया आम तौर पर एक समान ही रहता है, लेकिन वीकेंड और पर्यटन सीजन के दौरान आसमान छू रहा है। इसका पर्यटन नगरी धर्मशाला पर विपरीत असर पड़ रहा है। जानकारों की मानें तो प्रदेश में हवाई किराया बढ़ने का कारण एक तो कम फ्लाइटों का यहां लैंड होना है।
अन्य राज्यों में हवाई टिकट पर जीएसटी कम किया गया है। इसके चलते वहां किराया कम लगता है, लेकिन हिमाचल प्रदेश में उतरने वाले हवाई जहाजों की टिकट के लिए जीएसटी लगता है, जोकि टिकट महंगे होने का एक कारण है। कांगड़ा हवाई अड्डे की पट्टी का भी विस्तार किया जाना चाहिए, जिससे यहां उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सके।
- डॉ. विशाल नेहरिया, उपाध्यक्ष, एडवेंचर टूअर ऑपरेटर एसोसिएशन, धर्मशाला