मौसम खुलते ही हिमाचल में सैलानियों की आवाजाही शुरू हो गई है। करीब दो महीने बाद शिमला, धर्मशाला, कसौली, चायल और नारकंडा में सैलानियों की चहल-पहल दिखने लगी है। वीकेंड पर शनिवार को शिमला और धर्मशाला में करीब 40 फीसदी कमरे बुक रहे, जबकि कसौली में कमरों की बुकिंग 60 फीसदी से अधिक पहुंच गई। अक्तूबर और नवंबर के लिए कमरों की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है जिसे पर्यटन कारोबारी सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। वीकेंड पर शनिवार को शिमला के होटलों में करीब 40 फीसदी कमरे बुक रहे। बीते सप्ताह 30 फीसदी कमरों की बुकिंग हुई थी। अक्तूबर के लिए होटलों की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। शिमला और आसपास के इलाकों के बड़े होटलों में 20 फीसदी तक एडवांस बुकिंग हो गई है।
धर्मशाला में अगले महीने क्रिकेट विश्व कप के मैचों के चलते कमरों की बुकिंग में तेजी आनी शुरू हो गई है। धर्मशाला के होटल कारोबारी अश्वनी बांबा ने बताया कि इस वीकेंड पर 30 से 40 फीसदी कमरे बुक हुए हैं। अक्तूबर में कमरों की बुकिंग 80 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। चायल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा का कहना है कि अक्तूबर के लिए इंक्वायरी शुरू हो गई है, पर्यटन कारोबार के लिए यह सकारात्मक संकेत हैं। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद का कहना है कि बीते सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह प्रदेश के अधिकतर पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आमद 10 से 15 फीसदी तक बढ़ी है। अक्तूबर और नवंबर के लिए एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है।
बदहाल सड़क से मनाली नहीं पहुंच पा रहे सैलानी
मनाली में सैलानियों की आमद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। हालांकि शिमला-किन्नौर हाईवे निगुलसरी के पास बंद होने से लेह-लद्दाख और लाहौल-स्पीति जाने वाले सैलानी मनाली होते हुए रवाना हो रहे हैं और मनाली के होटलों में ठहरना भी शुरू कर दिया है। मनाली होटिलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने बताया कि मंडी टनल से आगे सड़क बेहद खतरनाक है। पतलीकूहल से मनाली तक हाईवे वोल्वो के चलने योग्य नहीं है। दशहरा सीजन के लिए इंक्वायरी आनी शुरू हो गई है लेकिन सरकार को एनएचएआई से हाईवे की हालत सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर काम करवाने की जरूरत है। मशीनरी और लेबर की संख्या तुरंत बढ़ाई जानी चाहिए।