देश में एक बार फिर बढ़ती जा रही कोरोना महामारी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर राज्य सरकारें और देशवासी लापरवाह हो गए हैं। कोरोना से बचाव के लिए जो नियम बनाए गए थे, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। सरकारों को इसके लिए फिर से सख्ती बरतनी होगी, ताकि कोरोना को रोका जाए। उन्होंने कहा कि जिस गति से कोरोना फिर बढ़ने लगा है, वह चिंता का विषय है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि कोरोना गांवों में चला गया तो फिर इसे रोकना मुश्किल है।
पूर्व सीएम ने राज्य सरकारों और देश की जनता को संदेश दिया है कि कोरोना से बचाव के नियमों और सावधानियों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मेलों और बड़े-बड़े समारोहों के बिना भी जिंदगी चल सकती है, लेकिन एक बार बीमारी आई तो जिंदगी नहीं रहेगी। इसके लिए सरकारों व जनता को सावधान होना चाहिए। कोरोना से अपनी पत्नी को खो चुके शांता कुमार ने लोगों से कहा कि इसके लिए अपना पूरा बचाव रखें। उन्होंने कहा कि कोरोना होने पर उन्हें तीन-चार दिन बुखार रहा था। उसके बाद वह ठीक हो गया। साथ ही उन्होंने जनता को आम संदेश दिया कि निरोग रहने के लिए योग भी जरूरी है।