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दो साल बाद ट्रैक पर उतरी हेरिटेज रेल मोटरकार, कालका से शिमला पहुंचे सात यात्री

Thu, 18 Mar 2021 09:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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हैरिटेज रेल मोटरकार - फोटो : अमर उजाला
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करीब दो साल के इंतजार के बाद गुरुवार को कालका-शिमला ट्रैक पर हेरिटेज रेल मोटरकार उतरी। जनवरी, 2019 से बंद रेल मोटरकार सुबह कालका से सुबह 5:25 पर रवाना हुई और करीब 8:27 बजे पर शिमला पहुंची। चार घंटे में 96 किलोमीटर की दूरी तय की। पहले दिन 15 सीटर रेल मोटरकार में सात यात्री कालका से शिमला पहुंचे। 11:40 बजे रेल मोटरकार चार यात्रियों को लेकर शिमला से कालका लौटी। 

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रेल मोटरकार दिल्ली शताब्दी के कनेक्शन में चलाया जा रहा है। शिमला से वापसी का समय पहले जहां शाम 3:50 बजे था, जिसे अब सुबह 11:40 बजे तय किया है। रेल मोटरकार शाम 4:30 बजे कालका पहुंचती है जिसके चलते दिल्ली जाने वाले यात्री आसानी से दिल्ली शताब्दी पकड़ सकेंगे। कालका से दिल्ली के लिए शताब्दी के छूटने का समय 5:45 है। रेल मोटरकार का कालका से शिमला का किराया 800 रुपये निर्धारित है। यात्री ऑनलाइन भी सीट बुक कर सकते हैं।

वीकेंड के लिए रेलकार एडवांस बुक
वीकेंड के लिए रेलकार एडवांस बुक हो गई है। 20 और 21 मार्च के लिए रेलकार में कालका से शिमला की ओर एक भी सीट खाली नहीं है। अंग्रेजों ने कालका-शिमला के बीच आजादी से पहले रेलकार का संचालन शुरू किया था। उस समय भारतीयों को रेलकार में सफर करने की इजाजत नहीं थी। सिर्फ अंग्रेज ही इस गाड़ी में सफर कर सकते थे। ग्रीष्मकालीन राजधानी के प्रवास पर शिमला आने के लिए अंग्रेज रेलकार का इस्तेमाल करते थे।

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यात्रियों ने ये कहा

मेरे लिए लाइफ टाइम एक्सपीरियंस
रेल मोटरकार में सफर मेरे लिए लाइफ टाइम एक्सपीरियंस रहा। रेलकार का सफर ट्रेन के सफर से अलग है। दोस्तों और परिवार के साथ शिमला आने-जाने के लिए रेलकार सबसे बढ़िया माध्यम है।- अभिषेक शर्मा, चंडीगढ़

चार घंटे में तय हो गया सफर
रेलकार में कालका से शिमला पहुंचने में सिर्फ 4 घंटे लगे। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। अन्य ट्रेनों में पांच घंटे से भी ज्यादा का समय लगता है। रेलकार सुविधाजनक है।- अमन शर्मा, चंडीगढ़

बेटी ने दी रेलकार में सफर की सलाह
कालका में रहने वाली बेटी ने कहा, शिमला जाना है तो रेल मोटरकार में जाइए। इसमें सफर आरामदायक रहा। हसीन वादियों को नजदीक से देखने का मौका मिला। -रमेंद्र तिवारी, कुशीनगर यूपी

 दो साल से था इंतजार
दो साल से रेलकार के चलने का इंतजार था। ‘अमर उजाला’ में पढ़ा रेलकार शुरू हो रही है। तुरंत बुकिंग करवा ली। रेलकार में चाय नाश्ते का इंतजाम होना चाहिए।- प्रिया अरोड़ा, लोअर बाजार, शिमला
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