तिब्बती आध्यात्मिक गुरु एवं 14वें दलाई लामा का शुक्रवार को धर्मशाला लौटने पर भव्य स्वागत हुआ। दलाई लामा 10 दिसंबर 2025 को धर्मशाला से रवाना हुए थे और कर्नाटक के मुंडगोड स्थित देओगुलिंग तिब्बती मठ में दो माह तक शीतकालीन प्रवास पर रहे। वहां पर धार्मिक आयोजनों के अलावा दलाई लामा ने कुल 15,935 श्रद्धालुओं से मिलकर उन्हें आशीर्वाद और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इनमें नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लेयमा गबवी और प्रमुख भारतीय अधिकारी एवं राजनीतिज्ञों के साथ की गई मुलाकातें भी शामिल हैं। 9 फरवरी को दलाई लामा ने हुबली हवाई अड्डे से प्रस्थान किया और इसके बाद तीन दिन तक दिल्ली में चिकित्सा जांच व प्रमुख व्यक्तित्वों से मुलाकात की। उसके बाद वह शुक्रवार को धर्मशाला लौटे। धर्मशाला में धर्मगुरु के आगमन पर तिब्बती समुदाय और उनके अनुयायी कांगड़ा हवाई अड्डे से लेकर उनके निवास स्थान चुगलाखंग मठ तक जगह-जगह सड़क पर स्वागत के लिए उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक स्कार्फ, फूल और अगरबत्तियां लेकर उनका स्वागत किया।