भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित तिब्बती पुनर्वास नीति 2014 को औपचारिक रूप दे दिया है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव केके पाठक की ओर से सात पन्नों में नीति निर्धारण से संबंधित जानकारी की प्रति निर्वासित तिब्बत सरकार की गृह मंत्री गैरी डोलमा को सौंप दी है।
उधर, निर्वासित तिब्बत सरकार की गृह मंत्री गैरी डोलमा ने नई नीति के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया है। तिब्बती पुनर्वास नीति भारत में रहने वाले हजारों शरणार्थी तिब्बतियों के कल्याण के लिए है। इस नीति में भूमि लीज संबंधित मामलों में केंद्र और राज्यों के लाभ का विस्तार स्पष्ट किया गया है।
इस नीति के तहत तिब्बतियों को किसी भी आर्थिक गतिविधि शुरू करने के लिए अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए उन्हें प्रासंगिक दस्तावेज, व्यापार लाइसेंस और परमिट जारी किए जाएंगे। इस नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शरणार्थी तिब्बती जिस क्षेत्र में व्यावसायिक रूप से योग्य होंगे, उन्हें नौकरी दी जाएगी।
ये क्षेत्र नर्सिंग, शैक्षणिक, चार्टेड अकाउंटेंसी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग हो सकते हैं। इस नीति की गाइडलाइंस सभी संबंधित राज्यों को भेजी जाएंगी। इसकी प्रति तिब्बतियन सेटलमेंट आफिसर को भेजी जाएगी।