गीतकार, कवि, लेखक एवं फिल्म निर्माता गुलजार ने मंगलवार को शिमला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से उनके घर हालीलॉज में भेंट की। यहां मुख्यमंत्री और गुलजार के बीच पर्यावरण समेत कई मसलों पर चर्चा हुई। वीरभद्र सिंह ने गुलजार को हिमाचल प्रदेश की वन नीति के बारे में जानकारी दी।
बताया कि राज्य सरकार ने हरे पेड़ के कटान पर रोक लगाई है और प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। गुलजार ने मुख्यमंत्री को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पुस्तकें भी भेंट कीं। कहा कि इन पुस्तकों में कविताओं से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने गुलजार को पारंपरिक हिमाचल टोपी और शॉल से सम्मानित किया।
दिन भर शिमला में घूमे गुलजार, शाम को पढ़ीं कविताएं
मशहूर गीतकार गुलजार मंगलवार को शिमला में खूब घूमते रहे। वे सुबह-सवेरे ही हालीलॉज पहुंचे तो इसके बाद उन्होंने रिज और माल रोड की सैर भी की। इसके बाद वे वापस उच्च अध्ययन संस्थान चले गए। इस बीच गुलजार अपने प्रशंसकों से भी मिलते रहे और उन्हें आटोग्राफ देते रहे।
शाम के वक्त उन्होंने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में एक अनौपचारिक कवि गोष्ठी में अपनी कविताएं भी सुनाईं। इस गोष्ठी का आयोजन उन्होंने संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ किया। उनकी कविताएं भी सुनीं। गुलजार बुधवार सवेरे वापस मुंबई लौटेंगे।
और पूर्णाहुति डालने नहीं पहुंचे मुख्यमंत्री
ढली स्थित शिव शक्ति गौरा माता मंदिर के बाहर मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे लोगों का हुजूम हाथों में फूल की मालाएं लिए मुख्यमंत्री के इंतजार में खड़ा रहा। लेकिन वह नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का काफिला हालांकि रिज मैदान से ढली की ओर रवाना हो गया था लेकिन करीब पौने चार बजे मुख्यमंत्री का काफिला जब संजौली कॉलेज के पास था तो मोबाइल पर आई एक कॉल के बाद मुख्यमंत्री ने छोटा शिमला होते हुए सीधे हॉलीलॉज जाने के आदेश दे दिए।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्त को तुरंत हॉली लॉज पहुंचने के निर्देश दिए। वहीं ढली स्थित शिव शक्ति गौरा माता मंदिर समिति के लोगों को जब मुख्यमंत्री के नहीं आने की सूचना मिली तो वह मायूस हो गए। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ आ रहे कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध सिंह मौके पर पहुंचे। अनिरुद्ध सिंह ने यहां आयोजित महायज्ञ में पूर्णाहुति डाली। जगरनाथ पुरी की सफल यात्रा के आयोजन के बाद मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से महायज्ञ आयोजित किया था।
विवादित जमीन पर लौटी खबर
धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने जा रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का काफिला अचानक आधे रास्ते से लौट आया। मंदिर बनाने के लिए चयनित की भूमि का बड़ा हिस्सा सरकार की जमीन पर बताया जा रहा है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को नहीं दी थी। उन्हें जब इस बात का पता चला तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए तुरंत गाड़ियों का काफिला हॉली लॉज मोड़ने के निर्देश दे दिए। हॉली लाज में डीसी से मामले की पूरी जानकारी ली।
एमसी से मांगी है रिपोर्ट: उपायुक्त
डीसी दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि यह इलाका नगर निगम के दायरे में आता है। इसलिए रिपोर्ट नगर निगम से मांगी जा रही है। नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि उपायुक्त की ओर से उन्हें इस बाबत कोई सूचना नहीं मिली है। तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी जाएगी।