30 जून तक खाली करनी पड़ेगी तिब्बती मार्केट, जारी किए नोटिस
आजीविका भवन में शिफ्ट होंगे कारोबारी, नगर निगम 76 को जारी किए फरमान
रिज को धंसने से बचाने का कार्य हो रहा बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की तिब्बती मार्केट को 30 जून तक खाली करना होगा। नगर निगम ने तिब्बती मार्केट के 76 कारोबारियों को इस बाबत नोटिस जारी कर दिए हैं। इन्हें आजीविका भवन में बनाई गई नई दुकानों में शिफ्ट होने के लिए कहा है।
आजीविका भवन के तीसरे और चौथे फ्लोर पर तिब्बती कारोबारियों को दुकानें आवंटित की गई हैं। तिब्बती मार्केट के कारोबारियों को बसाने और इन्हें पक्की दुकानें देने के लिए नगर निगम ने छह करोड़ रुपये की लागत से आजीविका भवन तैयार किया है। निगम ने कुछ दिन पहले ही इन्हें दुकानें आवंटित कर दी थीं लेकिन यह शिफ्ट होने के लिए समय मांग रहे थे। दूसरी ओर तिब्बती मार्केट की दुकानें शिफ्ट न होने से रिज को बचाने का प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा है।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि रिज के निचली ओर बनीं दुकानें शिफ्ट होने के बाद ही यह प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए मौके पर खुदाई की जानी है। खुदाई से निचली ओर बनी दुकानों पर मलबा या पत्थर न गिरे, इसके लिए इन्हें खाली करने को कहा है। निगम प्रशासन ने अब सभी कारोबारियों को 30 जून तक दुकानें खाली करने के निर्देश दिए हैं। दुकानें खाली न करने पर एक जुलाई से नगर निगम खुद इनकी दुकानें खाली करवाने के लिए कार्रवाई करेगा।
30 तक खाली करें दुकानें : शर्मा
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त बीआर शर्मा ने बताया कि तिब्बती मार्केट के कारोबारियों को 30 जून तक आजीविका भवन में शिफ्ट होने के लिए कहा है। इन्हें दुकानें आवंटित की जा चुकी हैं। दुकानें खाली होने के बाद रिज बचाने का प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
आजीविका भवन में किसे कहां मिलेगी दुकानें
सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के पास बनाए आजीविका भवन के तीसरे और चौथे फ्लोर में तिब्बती कारोबारी दुकानें सजाएंगे। इनके निचले फ्लोर में बनी दुकानें पंजीकृत तहबाजारियों को दी जानी हैं। इन्हें भी जल्द दुकानों का आवंटन होगा। सबलेट और ब्लड रिलेशन के मामलों में बैठक के बाद दुकानें आवंटित होंगी। ग्राउंड फ्लोर पर 12 दुकानें बेकरी के लिए दी जा रही हैं। इस भवन में कुल 217 दुकानें हैं। 146 का आवंटन उन कारोबारियों को होना है जिन्होंने भवन निर्माण के लिए शेयर दिया है। बाकी दुकानों का आवंटन टेंडर प्रक्रिया के जरिये होगा।