अग्निकांड में मकान के भीतर रखे जेवर, नकदी, राशन, कपड़े सहित समस्त सामान जलकर राख हो गया। पंचायत प्रधान ने जिला प्रशासन से प्रभावित को हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग उठाई है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की छतराड़ी पंचायत के गांव गलथन में आग से तीन मंजिला स्लेटपोश मकान के सात कमरे जलकर राख हो गए। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई घटना के दौरान प्रभावित पूर्ण चंद पुत्र मिलखी राम की 80 वर्षीय मां मकान के भीतर थीं। ग्रामीणों धर्मेंद्र कुमार, भीष्म कुमार, जोगेंद्र और मणिराम ने अपनी जान पर खेल कर आग की लपटों के बीच से बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।
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सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी, अग्निशमन केंद्र खड़ामुख, चंबा और एनएचपीसी से पहुंची गाड़ियों की मदद से आग को बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। देरशाम बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया लेकिन, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। नायब तहसीलदार धरवाला ने प्रभावित को प्रशासन की ओर से 20 हजार फौरी राहत और पांच कंबल समेत एक तिरपाल दी है।
ग्राम पंचायत छतराड़ी के प्रधान मंधो राम ने बताया कि पूर्ण चंद जलशक्ति विभाग में बतौर फीटर तैनात हैं। रोजमर्रा की तरह वह ड्यूटी पर था। उसके दो बेटे जिले से बाहर हैं। घटना के समय उसकी पत्नी और बेटा पशुओं को चराने गए थे, जबकि छोटी बेटी स्कूल में पढ़ने के लिए कूंर गई थी। दोपहर के समय लकड़ी के मकान में आग सुलग उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। मकान से उठे धुएं को देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
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जल रहे मकान के भीतर से ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रभावित की वृद्ध मां को बाहर सुरक्षित निकाला और उसके बाद ग्रामीण मिट्टी और पानी लेकर आग बुझाने में जुट गए। अग्निकांड में मकान के भीतर रखे जेवर, नकदी, राशन, कपड़े सहित समस्त सामान जलकर राख हो गया। अब प्रभावित परिवार के पास पहने हुए कपड़ों के अलावा शेष कुछ नहीं बच पाया है। पंचायत प्रधान ने जिला प्रशासन से प्रभावित को हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग उठाई है।
नायब तहसीलदार धरवाला हंसराज रावत ने बताया कि गलथन गांव में अग्निकांड से तीन मंजिला मकान के सात कमरे जले हैं। 12 लाख के नुकसान का अनुमान है। प्रशासन की ओर से फौरी राहत दे दी गई है। एडीएम भरमौर संजय कुमार धीमान ने बताया कि प्रभावित को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।