मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को तीन माह में विभाग में मिलाने का आश्वासन दिया है।
प्रदेश के 1152 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा दे रहे आउटसोर्सिंग पर तैनात 1461 शिक्षकों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने की तैयारी में सरकार ने पहला कदम उठा दिया है। शनिवार को सरकार ने निजी कंपनी नाइलिट को तीन महीने की एक्सटेंशन दी है। उच्च शिक्षा निदेशालय और निजी कंपनी के बीच एमओयू साइन हुआ।
कंपनी को पहली अप्रैल से 30 जून तक एक्सटेंशन दी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में मिले कंप्यूटर शिक्षकों को तीन महीने में विभाग में शामिल करने का आश्वासन दिया है। इसी कड़ी में कंपनी को तीन माह के लिए दी गई एक्सटेंशन को सकारात्मक तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कंप्यूटर शिक्षकों को लेकर आने वाली दिनों में अब क्या कार्यवाही करती है?
इस पर शिक्षकों की नजरें टिक गई हैं। कंप्यूटर शिक्षक संघ के महासचिव राकेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने तीन महीने में शिक्षकों को समायोजित करने का आश्वासन दिया है। कंपनी को सिर्फ तीन महीने की एक्सटेंशन देने पर संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह का आभार जताया है।
कंप्यूटर शिक्षक संघ निजी कंपनी के मुद्दे को लेकर बीते साल से शिक्षा विभाग के खिलाफ लामबंद हैं। नाइलिट कंपनी पर कई-कई महीनों तक शिक्षकों को वेतन न देने का आरोप शिक्षक संघ लगा रहे हैं। प्रदेश में नौवीं कक्षा से लेकर जमा दो कक्षा वाले सरकारी स्कूलों में सरकार कंप्यूटर शिक्षा दे रही है।
वीरवार को कंप्यूटर शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों शिक्षकों ने उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को मुख्यमंत्री से विधानसभा परिसर में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को तीन माह में विभाग में समायोजित करने का आश्वासन दिया है।