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वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी : पर्यावरण पर भारी पड़ सकता है पर्यटन, वाहन प्रदूषण से ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का खतरा

Sat, 18 Dec 2021 01:42 PM IST
Krishan Singh अशोक राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग (लाहौल-स्पीति)

सार

वैज्ञानिकों का दावा है कि कहीं पर्यावरण पर पर्यटन भारी न पड़ जाए। वैज्ञानिकों का मानना है कि अटल टनल से होकर सर्दियों के मौसम में भी वाहनों की आवाजाही में ऐसा इजाफा होता रहा तो घाटी के पर्यावरण में भविष्य में उम्मीद से अधिक बदलाव देखने को मिलेगा। 
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अटल टनल नॉर्थ पोर्टल में वाहनों का जमावड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में भले ही दिसंबर में बर्फबारी से 8 फीट तक बर्फ की मोटी चादर चढ़ गई हो, लेकिन बड़ी संख्या में आ रहे वाहनों के ब्लैक कार्बन से सैकड़ों वर्ष पुराने ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का खतरा बढ़ गया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि कहीं पर्यावरण पर पर्यटन भारी न पड़ जाए।

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वैज्ञानिकों का मानना है कि अटल टनल से होकर सर्दियों के मौसम में भी वाहनों की आवाजाही में ऐसा इजाफा होता रहा तो घाटी के पर्यावरण में भविष्य में उम्मीद से अधिक बदलाव देखने को मिलेगा। घाटी के कई इलाकों में दिसंबर में पाउडर बर्फ गिरती थी, लेकिन इस बार बारिश हो रही है। पर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार नवंबर महीने के बाद जिस इलाके में वाहनों की आवाजाही शून्य हो जाती थी, लेकिन आज अटल टनल बनने के बाद रोजाना हजारों की संख्या में वाहन घाटी में प्रवेश कर रहे हैं। टूरिज्म के लिहाज से यह जरूर फायदेमंद हो सकता है, लेकिन घाटी के संवेदनशील पारिस्थितिक संतुलन के लिए ठीक नहीं है।

वायु प्रदूषण से पर्यावरण में बढ़ रही एलोसॉल की मात्रा 

सेंटर फॉर पर्यावरण आकलन एवं जलवायु परिवर्तन के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद कुनियाल का कहना है कि सीमा से अधिक वाहनों की आवाजाही के कारण भारी मात्रा में वायु प्रदूषण की वजह से पर्यावरण में एरोसॉल की मात्रा बढ़ने लगी है। इससे पर्यावरण में ब्लैक कार्बन भी बढ़ रहा है। घाटी में वेजिटेशन की कमी से तापमान में नियंत्रण संभव नहीं है। आने वाले समय के लिए यह पूरे इलाके के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। ऐसे इलाके में कार्बन की मात्रा बढ़ जाने से हीट ऑब्जर्विंग पावर बढ़ जाती है। इससे निश्चित तौर पर सैकड़ों साल पुराने ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।

रोजाना 4 से 5 हजार वाहन घाटी में कर रहे प्रवेश

लाहौल-स्पीति पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक अटल टनल खुलने के बाद रोजाना औसतन 4 से 5 हजार से अधिक वाहन घाटी में प्रवेश कर रहे हैं। अब तक रिकॉर्ड छह हजार से ज्यादा वाहन एक दिन में आ चुके हैं। इन वाहनों में लाहौल की आबादी के बराबर लोग सफर कर रहे हैं। बीते दो महीनों के भीतर अटल टनल होकर दो लाख से अधिक वाहन आर-पार हुए हैं। 

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