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Pre Primary Teacher Recruitment: हिमाचल से एनटीटी करने वाले हजारों अभ्यर्थी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती से बाहर, जानें वजह

Wed, 25 May 2022 11:23 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए 4,000 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) करने वाले हजारों अभ्यर्थी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती से बाहर हो गए हैं।
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प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश से नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) करने वाले हजारों अभ्यर्थी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती से बाहर हो गए हैं। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से प्रदेश का कोई भी एनटीटी संस्थान मान्यता प्राप्त नहीं है। शिक्षा मंत्रालय ने इस बाबत राज्य सरकार को पत्र भेजा है। ऐसे में प्रदेश से इस कोर्स को करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी भर्ती में शामिल हो सकेंगे। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए 4,000 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। कोर्ट केस से बचने के लिए शिक्षा विभाग ने एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों की केंद्र सरकार से जानकारी मांगी थी। नर्सरी और केजी कक्षाओं के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले एनटीटी के मान्यता प्राप्त संस्थानों की पड़ताल करने के लिए शिक्षा विभाग ने यह जानकारी मांगी थी।

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केंद्र की ओर से इस बाबत प्रधान सचिव शिक्षा को पत्र भेजा गया है। अब इस मामले से शिक्षा विभाग कैबिनेट को अवगत करवाएगा। संभावित है कि 26 मई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होगी। प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 70 फीसदी पद एनटीटी, अर्ली चाइल्ड हुड केयर कोर्स करने वालों और 30 फीसदी पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने का प्रस्ताव विभाग ने बीते दिनों तैयार किया था। अब केंद्र सरकार से प्राप्त पत्र के बाद शिक्षा विभाग नये सिरे से भर्ती के नियम बनाने में जुट गया है। एनसीटीई के नियमों के तहत भर्ती की जानी है। शिक्षा विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में दस विद्यार्थियों से अधिक संख्या वाले स्कूलों में शिक्षक भर्ती करने और शिक्षकों की आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तय करने की सिफारिश की गई है।

वर्ष 2010 से एनसीटीई ने बंद किया मान्यता देना
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने वर्ष 2010 से नर्सरी टीचर ट्रेनिंग संस्थानों को मान्यता देना बंद कर दिया है। इसके बावजूद भी देश भर में कई निजी संस्थानों ने दो वर्ष की अवधि का यह कोर्स जारी रखा। प्रदेश में 2010 से पहले प्रदेश में खुले किसी भी एनटीटी संस्थान ने मान्यता प्राप्त नहीं की। हजारों लोगों ने इन संस्थानों से कोर्स किया है।

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