अस्पताल में शुरू होंगी डायलिसिस सेवा और इमरजेंसी विभाग, ब्लड बैंक शुरू करने में होगी सुविधा
प्रदेश सरकार दे चुकी तीस पद भरने की मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा शुरू करने और आईजीएमसी से नेफ्रोलॉजी विभाग शिफ्ट करने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा ब्लड बैंक भी शुरू किया जाएगा।
सरकार से अस्पताल की मांग पर 10 लैब तकनीशियन, 10 रेडियोग्राफर, 10 ओटी असिस्टेंट के पदों को आउटसोर्स आधार पर भरने की मंजूरी मिल गई है। अब इलेक्ट्रॉनिक कार्पोरेशन के माध्यम से अस्पताल के लिए आउटसोर्स आधार पर स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर स्टाफ उपलब्ध हो सकेगा। स्टाफ मिलने के बाद आईजीएमसी से नेफ्रोलॉजी विभाग को पूरी तरह से शिफ्ट कर किडनी के मरीजों को चमियाना अस्पताल में ही डायलिसिस और उपचार की सुविधा मिल सकेगी। अभी नेफ्रोलॉजी की ओपीडी चमियाना में चल रही और उपचार आईजीएमसी में हो रहा है। चमियाना अस्पताल के प्राचार्य डॉ. ब्रज शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार से इन तकनीकी पदों को भरने मांग की थी। स्थायी भर्ती होने तक आउटसोर्स आधार पर ही पदों को भरने का आग्रह किया था। इसे सरकार ने बीते दिन मंजूरी दे दी है।
डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर और ओटी असिस्टेंट की जरूरत थी। इनके न होने से अस्पताल में मरीजों को 24 घंटे की इमरजेंसी सेवाएं शुरू नहीं की जा पा रही थीं। आउटसोर्स आधार पर जितनी जल्दी स्टाफ की भर्ती होगी उसके अनुरूप ही अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू हो सकेंगी। चमियाना में नेफ्रोलॉजी विभाग को शिफ्ट करने के लिए लैब तकनीशियनों की जरूरत है, जिससे किडनी मरीजों को चमियाना में ही ओपीडी के साथ इंडोर उपचार और 24 घंटे की डायलिसिस सुविधाएं मिल सकेंगी। अस्पताल में ब्लड बैंक भी खोला जाना है। अस्पताल में होने वाली सर्जरी के लिए ब्लड बैंक में 24 घंटे रक्त उपलब्ध होना जरूरी। इन तीनों विभागों सरकार से मंजूरी मिल जाने के बाद अब सरकारी एजेंसी ही अस्पताल के लिए आउटसोर्स आधार पर स्टाफ को भर्ती कर देगी। इसके बाद अस्पताल में इमरजेंसी सेवा सहित अन्य सेवाओं का विस्तार करने का कार्य किया जा सकेगा।
अस्पताल को मिल चुके हैं मेडिकल ऑफिसर
चमियाना अस्पताल में 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा शुरू करने के लिए नवंबर में मेडिकल ऑफिसर की भर्ती की जा चुकी है लेकिन रात के समय टेस्ट के लिए लैब स्टाफ नहीं है। इस कारण छह बजे के बाद हृदय, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और अन्य सुपर स्पेशलिटी विभाग के इमरजेंसी मामलों को आईजीएमसी की इमरजेंसी में ही उपचार के लिए जाना पड़ता है।