हिमाचल में बिजली के लिहाज से एक अच्छी सूचना है। प्रदेश में बिजली ऑडिट करने की तैयारी है। इस सिलसिले में ऊर्जा निदेशालय की ओर से सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों से आवेदन मंगाए गए है।
इन एजेंसियों को इनपैनल करने के बाद सेक्टर के अनुसार ऑडिट कराई जाएगी। ऊर्जा निदेशक आरडी नजीम ने भी इसकी पुष्टि की है।
प्रदेश में किस सेक्टर में कहां पर कितनी बिजली की आपूर्ति की जा रही है। कितनी बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है। कितनी बिजली लाइन लॉस में जा रही है। कितनी बिजली की चोरी की जा रही है।
सीमेंट फैक्ट्रियों, स्टील फैक्ट्रियों, फार्मा कंपनियों, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कितनी-कितनी बिजली की आपूर्ति की जाती है। उसमें कहां पर कितनी बिजली की खपत की जा रही है। बिजली से जुड़े हर बिंदु को ध्यान में रखते हुए ऑडिट कराया जाएगा।
मंगवाए गए आवेदन
ऊर्जा निदेशालय की ओर से सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों को ऑडिट करने के लिए आवेदन मंगाए गए है।
हालांकि आवेदन केवल उन्हीं एजेंसियों के द्वारा किया जा सकता है, जोकि ब्यूरो आफ एनर्जी इफिसिएंसी (बीईई) से पंजीकृत हो। साथ ही उन्हें कम से कम एक वर्ष का एनर्जी आडिट करने का अनुभव हो।
एनर्जी कंजर्वेशन एक्ट 2001 में यह प्रावधान किया गया है कि बिजली की बचत करने के लिए ऑडिट किया जाए। इसी का हवाला देते हुए हिमाचल में एनर्जी आडिट करने की शुरूआत की जा रही है।