वहीं, पांगी में सरकारी स्कूल में बच्चों को देश का नाम पता न होने के मामले में शिक्षा निदेशक ने पांगी और जिला चंबा के शिक्षा अधिकारियों से वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए पांगी घाटी के 67 प्राथमिक पाठशालाओं का पिछले दो सालों का वार्षिक परीक्षा परिणाम मुहैया करवाने के निर्देश दिए। इस वर्चुअल बैठक में शिक्षा उपनिदेशक, प्रारंभिक खंड शिक्षा अधिकारी के साथ पांगी के 12 कलस्टर जुड़े रहे। वर्चुअल बैठक के बाद 25 मई को ये अधिकारी चंबा से शिमला जाएंगे। जहां पर दिल्ली से आई टीम उनसे पूछताछ करेगी और बच्चों की पढ़ाई को लेकर छानबीन करेगी।
बता दें कि कुछ दिन पहले जब भाजपा विधायक पांगी घाटी के दौरे पर गए थे। उस दौरान उन्होंने पांगी घाटी के प्राथमिक स्कूलों का औचक निरीक्षण भी किया था। इस दौरान एक स्कूल में जब उन्होंने बच्चों से देश का नाम पूछ तो बच्चे एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। कोई भी बच्चा अपने देश का नाम नहीं बता पाया। इस विधायक ने स्कूल के अध्यापक को लताड़ लगाई और इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की बात कही। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड किया। तथा इसको लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की। इसके परिणाम स्वरूप जहां दिल्ली से एक टीम शिमला पहुंची तो वहीं शिक्षा निदेशक ने मंगलवार को जिला और पांगी के शिक्षा अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक भी की।