चंडीगढ़ थियेटर फेस्टिवल के तीसरे दिन भी खूब बजीं तालियां संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में चंडीगढ़ थियेटर फेस्टिवल के तीसरे दिन शुक्रवार को नागमंडल नाटक का मंचन हुआ। इसमें एक नाग और रानी की प्रेम कहानी दिखाई गई।
गिरीश कर्नाड के लिखित इस नाटक में दिखाया है कि रानी की नई शादी अपन्ना से हुई है जोकि उससे न तो प्रेम करता न ही उसे सम्मान देता है। वो केवल दिन का खाना खाने घर आता है और रानी को पूरा दिन घर में बंद रखता है। रानी अपने को इतना अकेला पाती है कि उसके भीतर जीने की इच्छा भी समाप्त होने लगती है। रानी के जीवन में परिवर्तन तब आता है जब एक नाग को उससे प्रेम हो जाता है। अपनी शक्तियों के आधार पर वो हर रोज अपन्ना का रूप लेकर रानी से मिलने आने लगता है।
रानी का जीवन इसी असमंजस में बीतता चला जाता है कि जो अपन्ना उसकी तरफ देखना तक नहीं चाहता था उसमें इतना बदलाव कैसे आ गया। नाटक में दांपत्य जीवन को कलाकारों ने शानदार ढंग से दर्शकों के समक्ष रखा। यह नाटक हिंदी साहित्य के सबसे महानतम नाटकों में से एक माना जाता है। यह नाटक कर्नाटक की लोक कथा पर आधारित है। नाटक के जरिये यह दिखाने की कोशिश की है कि मनुष्य की सबसे बड़ी दुर्बलता प्रेम है और वह प्रेम में सही या गलत नहीं समझता। नाटक का निर्देशन अमित सनोरिया और सर्वर अली ने किया। इसमें अनूप छाबड़ा, चेतन राघव, जयन्तिका जैन, अंकुश गुलाटी, प्रिया शर्मा, अंशुमान मेहता, दिवजोत, सैयद आलिम, शिवम ढल्ल, राजा सुब्रमनियम, पुलकित सैनी, अर्पण माइती, यश शर्मा और डाॅ. राजन गुप्ता अभिनय किया।