मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में आज हो सकता है फैसला
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आठ से दस फीसदी तक दरें बढ़ाने का है प्रस्ताव
अगले साल जनवरी और अप्रैल से लागू होंगी नई दरें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पीने का पानी फिर महंगा करने की तैयारी है। प्रदेश सचिवालय में शनिवार को होने वाली पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में पानी महंगा करने पर फैसला लिया जाएगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार शहर में पानी की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को भी इस बार एजेंडे में शामिल किया है। इसमें पेयजल दरें आठ से दस फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। हालांकि इस पर मंजूरी मिलने के बावजूद यह नई दरें इस साल लागू नहीं होंगी। अगले साल जनवरी या अप्रैल से ही इन्हें लागू किया जाएगा। पेयजल कंपनी ने इस साल भी फरवरी से पानी की दरें 10 फीसदी बढ़ाई थीं। ऐसे में अब कुछ माह बाद फिर से पानी बिल चुकाने के लिए जेब और ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल विश्व बैंक की शर्ताें के अनुसार हर साल पानी की दरें दस फीसदी तक बढ़ाना जरूरी है। कंपनी का कहना है कि इन शर्ताें के अनुसार अगले तीन साल तक हर वर्ष इन दरों पर दस फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ऐसा करने पर ही शिमला को 24 घंटे पानी देने की योजना के लिए बजट जारी होगा।
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अभी ये हैं पेयजल दरें
शहर में अभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह 20 किलोलीटर पानी 19.30 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से मिलता है। इससे ज्यादा इस्तेमाल पर दरें बढ़ती जाती हैं। इसी तरह व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 20 किलोलीटर पानी 53.24 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से मिलता है। इसमें नए साल से दस फीसदी की बढ़ोतरी होनी है।
इसलिए नए साल से पहले ले रहे हैं मंजूरी
पेयजल कंपनी ने इस साल भी पानी की दरें दस फीसदी बढ़ाई थीं। लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते पानी महंगा करने का फैसला मार्च के बाद लिया गया। देरी से मंजूरी मिलने के कारण कंपनी ने अप्रैल में जाकर फरवरी के बिल उपभोक्ताओं को जारी किए थे। यह बिल बढ़ी दरों पर लिए थे। उपभोक्ताओं को एकसाथ दो माह के बिल भरने पड़े थे। इस बार ऐसी स्थिति पैदा न हो और लोगों को समय पर बिल जारी हों, इसके लिए नए साल से पहले ही इस पर मंजूरी ली जा रही है। बैठक में श्रेंटी खड्ड से पानी लेने की योजना पर भी चर्चा होगी। 24 घंटे पानी देने की योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट समेत शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने को लेकर भी बैठक में चर्चा होनी है।