व्यावसायिक इस्तेमाल ही हो सकता एमसी संपत्तियों का
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के मालरोड पर कैफे चलाने के लिए नगर निगम से किराये पर ली संपत्ति को महिला ने रिहायशी आवास में बदल दिया। पहले कुछ साल तो इसमें कैफे चलाया गया लेकिन अब इसे बंद कर इसका रिहायश के तौर पर इस्तेमाल हो रहा है।
शहर के सबसे पॉश एरिया में बनी इस संपत्ति का सही इस्तेमाल न होने पर नगर निगम ने भी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। बिना अनुमति संपत्ति का इस्तेमाल बदलने पर किरायेदार महिला को नोटिस जारी किया है। अब नगर निगम के संयुक्त आयुक्त की अदालत में इस मामले पर सुनवाई शुरू हो गई है। नगर निगम के अनुसार शहर के मालरोड पर महिला के पति ने निगम से किराये पर संपत्ति ली है। पहले कई साल इसमें कैफे चलाया गया लेकिन महिला के पति की मौत के बाद यह कैफे भी बंद हो गया। अब महिला ने कैफे बंद कर दिया और इसका रिहायश के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं। नगर निगम रिहायश के लिए अपनी संपत्ति किराये पर नहीं देता है। ज्यादातर संपत्तियां व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए दी हैं। बिना अनुमति संपत्ति में रिहायश बनाने पर निगम ने सुनवाई शुरू कर दी है।