फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: सियासी जायका बढ़ाने के ही काम आया द्रंग का सेंधा नामक

Thu, 14 Oct 2021 11:18 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी

सार

 प्राकृतिक संसाधनों का फायदा आम लोगों को पहुंचाने में भाजपा और कांग्रेस दोनों नाकाम रही हैं। हिंदुस्तान सॉल्ट माइन में 300 करोड़ से लगने वाली सॉल्ट रिफाइनरी से देश को पर्याप्त मात्रा में सेंधा नमक मिल सकता है।
विज्ञापन
द्रंग नामक खान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की चुनिंदा चट्टानी नमक की पहाड़ियों में शुमार मंडी के द्रंग का सेंधा नमक केवल सियासी जायका बढ़ाने के काम ही आया है। प्राकृतिक संसाधनों का फायदा आम लोगों को पहुंचाने में भाजपा और कांग्रेस दोनों नाकाम रही हैं। हिंदुस्तान सॉल्ट माइन में 300 करोड़ से लगने वाली सॉल्ट रिफाइनरी से देश को पर्याप्त मात्रा में सेंधा नमक मिल सकता है। इससे पाकिस्तान पर निर्भरता खत्म होगी। इसका काम लटकने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी नहीं मिले। एशिया में पाकिस्तान और नेपाल में ही चट्टानी नमक निकल रहा है। यह मवेशियों और औषधि के काम आता है। यहां लगने वाली रिफाइनरी से इस नमक को खाने लायक बनाने का प्रस्ताव था। 

विज्ञापन


दो हजार लोगों को मिलना था रोजगार
यूपीए सरकार के दौरान नमक खान के नवीनीकरण को लेकर तीन सौ करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था। हिंदोस्तान सॉल्ट लिमिटेड ने 116 मिलियन टन नमक उपलब्ध होने का अनुमान लगाया था। इसी आधार पर तीन सौ करोड़ से नमक आधारित सैल्युशन माइनिंग प्रोजेक्ट (नमक रिफाइनरी उद्योग) लगाकर देशभर में नमक की आपूर्ति की योजना थी। इससे दो हजार बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार देने सहित पूरे क्षेत्र की इकोनोमी पर असर पड़ना था। 

द्रंग, गुम्मा की खदान से 1963 में शुरू हुआ था उत्पादन  
द्रंग और गुम्मा की नमक खदान से मई 1963 में चट्टानी नमक का उत्पादन शुरू हुआ था। तकनीक के अभाव में हिंदुस्तान सॉल्ट लिमिटेड नमक का पूरी तरह दोहन नहीं कर पाई। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से गैर वन स्वीकृति व रॉयल्टी जमा न करवाने की वजह से 15 जनवरी, 2011 को नमक का उत्पादन बंद हो गया। 2016 में स्व. सांसद राम स्वरूप शर्मा ने केंद्र से 3 करोड़ का पैकेज दिलाकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह के साथ यहां रिबन काट कर खदान कार्य का शुभारंभ किया था। सरकार ने नमक रिफाइनरी के लिए कंपनी को 65 बीघा भूमि भी मंडी के समीप मैगल में लीज पर उपलब्ध करवाई थी। नमक निकालने के लिए 35 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई। सत्ता पलटने के बाद सांसद ने विधायक जवाहर ठाकुर एवं जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा की मौजूदगी में फिर नमक खान का उद्घाटन किया। यही नहीं, एक साल के अंतराल बाद सांसद ने खान से निकलने वाले नमकीन पानी का नल लगवाकर उसका उद्घाटन भी किया।
विज्ञापन


ये हैं काले (चट्टानी) नमक के लाभ 
काले नमक का इस्तेमाल हर घर में होता है। इसे सलाद या फलों पर डालकर खाया जाता है। काला नमक सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन, सोडियम क्लोराइड, आयरन, मैग्नीशियम और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। सफेद नमक की बजाय काले नमक का सेवन करने से शरीर कई बीमारियों से दूर रहता है।  

कांग्रेस सत्ता में आई तो नमक का उत्पादन करने में हरसंभव प्रयास करेगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। केंद्र में रहते भाजपा नमक का उत्पादन शुरू नहीं कर सकी है। कांग्रेस ने सत्ता में रहते इसके भरसक प्रयास किए। इसमें कामयाब भी हुए, लेकिन केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद उत्पादन हांफ गया। 
- कौल सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता

भाजपा नमक की खदान के उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध है। स्वर्गीय सांसद रामस्वरूप के प्रयास सराहनीय रहे हैं। चुनाव जीतने के बाद द्रंग में नमक का उत्पादन फिर से शुरू किया जाएगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। 
विज्ञापन

- ब्रिगेडियर कुशाल चंद ठाकुर

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें