प्रति कनेक्शन 40 हजार वसूलने का मामला
पैसा वसूलने वाले कर्मचारी पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के भट्ठाकुफर में भवन मालिकों से हजारों रुपये लेकर बिना मंजूरी पेयजल कनेक्शन बांटने के मामले में कंपनी ने जांच शुरू कर दी है। पेयजल कंपनी का कहना है कि जो भी कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
कंपनी के अनुसार जिन लोगों के कनेक्शन कटे हैं, वह दस्तावेज दिखाकर पानी की सप्लाई बहाल करवा सकते हैं। बिना दस्तावेजों के कनेक्शन बहाल नहीं होंगे। कंपनी ने भट्ठाकुफर क्षेत्र में बिना मंजूरी के लगाए 11 कनेक्शन दो दिन पहले काटे हैं। उधर जिन लोगों के यह कनेक्शन कटे हैं, उनका कहना है कि एक कर्मचारी ने उनसे 40-40 हजार रुपये लेकर कनेक्शन दिए थे। इन लोगों ने उपमहापौर शैलेंद्र चौहान से भी इसकी शिकायत की है। इनका कहना है कि इलाके में पानी की सप्लाई देने वाले कर्मचारी ने ही उन्हें कनेक्शन दिया था। इसका पैसा लिया गया और बिल भी वसूला गया। हालांकि कभी भी इनकी रसीदें नहीं दी।
पेयजल कंपनी का कहना है कि मामला भी हो, लेकिन कंपनी का पानी बिना अनुमति सप्लाई किया जा रहा था। इससे कंपनी को नुकसान हुआ है। यदि किसी सोसायटी का कर्मचारी भी इसमें शामिल हुआ तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
जांच के दिए हैं निर्देश : एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम अनिल जसवाल ने कहा कि इस मामले में जांच के निर्देश दे दिए हैं। अभी तक 11 कनेक्शन काटे हैं। जांच के बाद स्पष्ट होगा कि किसकी मिलीभगत से पानी इन भवनों में सप्लाई किया जा रहा था।