उल्लेखनीय है कि सिंगल विंडो की बैठक में 30 के करीब उद्योगपतियों को उद्योग के विस्तार और नए उद्योग लगाने की अनुमति दी है। लेकिन अब छोटे और मध्यम के उद्योगपति विस्तार देने को जमीन मांग रहे हैं। उद्योग विभाग उद्योग लगाने के लिए जमीन लीज पर देता है। लीज पूरी होने के बाद जमीन या तो विभाग को वापस लौटानी होती है या फिर नई सिरे से उद्योग लगाने और विस्तार देने के लिए आवेदन करना होता है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल में उद्योगपति निवेश करने को तैयार हैं। उद्योग लगाने के लिए निवेशक जमीन मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई उद्योगपति उद्योगों को विस्तार देने को आवेदन किए हैं। आने वाले साल के भीतर हिमाचल में हजारों करोड़ रुपये निवेश करने के लिए बड़ी कंपनियां हिमाचल आएंगी।