शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग और राज्य चयन आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मौजूदा शुल्क दरों की समीक्षा कर व्यावहारिक और युवाओं के अनुकूल नई दरें तय करें। बेरोजगारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए शुल्क निर्धारित होना चाहिए, जिससे किसी भी प्रतिभावान उम्मीदवार का अवसर केवल फीस भरने में असमर्थता के कारण न छूटे। नई शुल्क संरचना पर अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता है। कुछ साल पहले तक राज्य चयन आयोग की कई भर्ती परीक्षाओं के लिए सामान्य श्रेणी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 360 और आरक्षित वर्ग के लिए 120 रुपये था। महिलाओं से शुल्क नहीं लिया जाता था। अब महिला उम्मीदवारों को भी सामान्य या आरक्षित श्रेणी के अनुसार शुल्क देना पड़ता है।