रेस्लिंग की दुनिया में भारत का नाम विश्वभर में रोशन करने वाले रेस्लर दलीप राणा उर्फ द ग्रेट खली अब सड़कों पर उतर आए हैं। खली कुछेक मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कभी अंडरटेकर और बिग शो जैसे महारथियों को धूल चटाने वाले खली को अब अपने हक की लड़ाई लड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया है।
कभी जो सरकार खली को अपना गौरव बताती थी अब उसी के खिलाफ खली ने मोर्चा खोला है। आम लोगों के साथ खली खुद हक की लड़ाई लड़ने आगे आए हैं। देखना है कि अब कब तक सरकार आंखें बंद किए रहती है।
ये है खली की डिमांड
खली बुधवार को बिजली और पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों के साथ नैनीधार के घाटी बाजार में सड़कों पर उतरे। खली ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि नैनीधार के लोगों को यदि बिजली और पानी की समस्या से निजात नहीं मिली तो शीघ्र सैकड़ों ग्रामीण सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे।
खली के गांव धिराइना के अलावा क्षेत्र की पांच पंचायतों के चार दर्जन गांवों में पेयजल का गंभीर संकट है। ग्रामीण मोहन राणा, जितेंद्र राणा, गुलाब सिंह, मंगल सिंह, पूर्व प्रधान हीरा सिंह, खजान सिंह राणा आदि ने बताया कि उनकी पंचायतों के लिए लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से भगांल खड्ड से एक उठाऊ पेयजल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन परियोजना 8 वर्ष बाद भी अधूरी पड़ी है।
जब लंबी लाइन में लगे थे खली
खली की पंचायत नैनीधार में पीने के पानी की इतनी किल्लत रहती है कि हर साल अप्रैल से लेकर जून तक पानी के टेंकर से आपूर्ति की जाती है। दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली ने बताया कि वर्षों बाद जब वे विदेश से घर लौटते हैं तो हर बार पानी और बिजली की समस्या से परेशान होना पड़ता है।
खली ने बताया कि लगभग दो साल पहले जब वे गांव आए थे तो उस दौरान भी पेयजल की समस्या इतनी गंभीर थी कि बाल्टी लेकर पानी भरने के लिए उन्हें भी लाइन में खड़े होकर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
संगठित होकर उठाए समस्याएं : खली
खली ने कहा कि मैं जब से पैदा हुआ हूं तभी से लेकर बिजली, पानी और सड़कों की खराब स्थिति को देख रहा हूं । इस स्थिति के लिए सरकारें ही नहीं, हम भी खुद भी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि समस्याओं को लेकर सरकारों को कोसते तो हैं मगर समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए कोई प्रयास नहीं करते हैं। खली ने बताया कि क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़कों की दशा बेहद खराब होने से वह काफी दुखी हैं।
80 फीसदी कार्य पूरा
आईपीएच के अधिशासी अभियंता राजगढ़ परसराम ने बताया कि भंगाल खड्ड नैनीधार उठाऊ पेयजल योजना का 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। एक स्टोरेज टैंक के निर्माण के लिए जमीन को लेकर विवाद पैदा हो गया था। इस कारण निर्माण कार्य लंबित था। अब विवाद सुलझ गया है। शीघ्र ही परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।