चंद्र शर्मा और तेजिंद्र पाल के पिता ने स्वास्थ्य ठीक न रहने की बात कहकर सजा कम करने की गुहार लगाई। विक्रांत बक्शी की माता ने बच्चे की कम उम्र होने पर उसे कम से कम सजा देने की मांग अदालत से की।
इस दौरान अदालत में युग के पिता विनोद गुप्ता भी अदालत में मौजूद रहे। इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से जिला न्यायवादी रणदीप सिंह परमार और दोषियों के वकील के बीच सजा को लेकर बहस की प्रक्रिया पूरी की गई।
जिला न्यायवादी ने दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की वकालत की तो बचाव पक्ष ने कम से कम सजा देने का आग्रह किया। सुबह 11:29 बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सजा पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई जो दोपहर 1:53 बजे तक दरवाजे बंद कर चलती रही।