आंखों की जांच करते एम्स बिलासपुर के डॉक्टर।
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हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के बच्चों को नजरें छोटी उम्र में ही कमजोर हो रही हैं। इसका कारण तेज धूप में बाहर निकलना है। एम्स बिलासपुर की ओर से केलांग के काजा में लगाए स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों ने यह खुलासा किया है। चिकित्सकों का कहना है कि आम तौर पर यह समस्या 70 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्गों में पाई जाती है। सलाह दी गई है कि बच्चों के साथ लोगों को इस बीमारी के बचने के लिए काला चश्मा और टोपी लगाने की जरूरत है। इधर, चिकित्सकों ने जांच में पाया कि घाटी के लोगों में गैस्ट्रिक की काफी दिक्कत है। यहां लोग कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं। यह इसी वजह से हो रहा है। लोगों को कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करना चाहिए और इस बारे में प्रशासन को भी लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
एम्स के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशीष शर्मा ने यह खुलासा किया। शिविर में घाटी के 733 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसके साथ तीन माइनर ऑपरेशन भी किए गए। डॉ. आशीष शर्मा ने कहा कि मल्टीस्पेशलिटी चिकित्सा शिविर जिला प्रशासन के सहयोग से लगाया गया। इस दौरान मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग, नेत्र, दंत चिकित्सा, हड्डी रोग, न्यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, स्त्री रोग, फिजियोलॉजी के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। यह शिविर जनजातीय क्षेत्र में प्रचलित बीमारियों का पता लगाने और उनकी जांच करने में काफी मददगार रहा। टीम ने प्रशासन के समक्ष स्थानीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की सलाह दी है। एडीएम काजा ने मशीन स्थापित करने आश्वासन दिया है। शिविर के को-ऑर्डिनेटर डॉ. मनोज भी इस दौरान मौजूद रहे।