विभिन्न विभागीय परियोजनाओं के टेंडर रद्द किए गए हैं। किसी में टेंडर के दस्तावेज अधूरे थे तो किसी को टेंडर लगाने वाले पात्र नहीं मिले। इसके अलावा राज्य के करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों की भी निविदाएं खारिज हुईं।
हिमाचल प्रदेश में विभिन्न विभागीय परियोजनाओं के टेंडर रद्द किए गए हैं। किसी में टेंडर के दस्तावेज अधूरे थे तो किसी को टेंडर लगाने वाले पात्र नहीं मिले। इसके अलावा राज्य के करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों की भी निविदाएं खारिज हुईं। मैक्लोडगंज बाजार के पुनर्विकास का टेंडर लगाने के लिए कोई भी आगे नहीं आया। इसलिए इसे रद्द करना पड़ा है। धर्मशाला स्थित मिनी सचिवालय में लिफ्ट की मरम्मत करने के टेंडर भी खारिज करने पड़े, क्योंकि कोई भी निविदाकर्ता इसके लिए पात्र नहीं था।
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करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के प्रसिद्ध चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के लिए अलग से उठाऊ जलापूर्ति योजना का टेंडर भी रद्द किया गया है। इसका कारण भी न्यूनतम निविदाओं का प्राप्त नहीं होना है। सुंदरनगर लोक निर्माण मंडल के तहत सतलुज नदी पर बनी एनटीपीसी सुरंग के साथ करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार बनाने का टेंडर भी रद्द हुआ है। इसकी वजह टेंडर दस्तावेजों में कमियां हैं। इसे दोबारा से लगाया जा रहा है। चौड़ा मैदान शिमला में लाइट गॉज स्टील फ्रेम तकनीक से बुक कैफे के निर्माण अथवा जीर्णोद्धार का टेंडर इसलिए रद्द किया गया है, क्योंकि इसके लिए अकेली निविदा मिली है।