प्रदेश के 4474 सरकारी प्राइमरी और मिडल स्कूलों में लगाई जाने वाली आधार नंबर युक्त बायोमीट्रिक मशीनों के लिए अब शिक्षकों को अपने नाम पर फोर जी सिम नहीं लेनी पड़ेगी। शिक्षक संगठनों के विरोध के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने पूर्व निर्धारित प्रक्रिया को बदल दिया है। अब सिम खरीद का जिम्मा उपनिदेशकों को सौंपा गया है।
दिसंबर से शिक्षकों की स्कूल में हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन के माध्यम से बायोमीट्रिक मशीनों की खरीद की है। स्कूलों में मशीनों की सप्लाई देने का काम शुरू हो चुका है। शिक्षकों का ब्योरा सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है।
इन मशीनों की जिला उपनिदेशकों सहित निदेशालय से मॉनीटरिंग होगी। बायोमीट्रिक मशीनें लगने के बावजूद रजिस्टर पर हाजिरी लगाने की पुरानी प्रक्रिया भी स्कूलों में जारी रहेगी। मशीनों का ट्रायल करने के चलते रजिस्टर पर हाजिरी लिखने को कहा गया है। प्राइमरी स्कूलों के साथ-साथ अलग परिसर में स्थित मिडल स्कूलों में भी मशीनें लगाई जाएंगी।
इसी कड़ी में बीते दिनों शिक्षक संगठनों ने फोर जी सिम को शिक्षक के नाम पर लेने का विरोध करते हुए विवाद खड़ा कर दिया था। शिक्षकों ने सिम खरीदने से इंकार कर दिया था। ऐसे में अब निदेशालय ने प्रक्रिया को बदलते हुए उपनिदेशक कार्यालय को अपने स्तर पर संबंधित जिला के स्कूलों के लिए सिम खरीदने की जिम्मेवारी सौंपी है।