हाई स्कूल सुरंगाणी में तैनात टीजीटी हिंग राज चिराग ड्रापआउट विद्यार्थियों की खोज में निकले। डोगरी देवी से स्कूल छोड़ने की वजह जानी। छात्रा ने आर्थिक तंगी को वजह बताया तो हिंग राज ने उन्हें दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलवाया।
परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर जिस छात्रा ने स्कूल छोड़ दिया था, अब वही छात्रा डोगरी देवी एचपीयू शिमला में अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। साथ ही एचएएस की तैयारी कर रही हैं। ड्रॉप आउट होने के बाद छात्रा ने दसवीं और जमा दो कक्षा की मेरिट सूची में जगह बनाई। उन्होंने सातवीं कक्षा में स्कूल छोड़ दिया था। हाई स्कूल सुरंगाणी में तैनात टीजीटी हिंग राज चिराग ड्रापआउट विद्यार्थियों की खोज में निकले।
विज्ञापन
डोगरी देवी से स्कूल छोड़ने की वजह जानी। छात्रा ने आर्थिक तंगी को वजह बताया तो हिंगराज ने उन्हें दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलवाया। पढ़ाई का तमाम खर्च खुद उठाया। एचएएस की तैयारियों के लिए शिक्षक चिराग ने छात्रा को किताबें भी दी हैं। डोगरी देवी ने बताया कि उनके पिता दिहाड़ी लगाते थे। परिवार का पालन पोषण काफी मुश्किल होता था।
पढ़ाई का शौक होने पर छठी के बाद आर्थिक तंगी के चलते स्कूल छोड़ दिया। टीजीटी हिंग राज चिराग उनके लिए फरिश्ता बनकर आए और हर कदम पर मदद की। डोगरी देवी ने स्नातक परीक्षाओं में भी कॉलेज स्तर पर पहला स्थान पाया है। शिक्षक हिंग राज चिराग ने बताया कि डोगरी देवी ने जब स्कूल छोड़ा था, तब उनकी तैनाती सुरंगाणी हाई स्कूल में हुई। उन्होंने ड्रॉपआउट डोगरी देवी को प्रवेश दिलवाया और हरसंभव सहायता के प्रयास किए।