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शिक्षा विभाग के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे शिक्षक

Tue, 18 Nov 2014 01:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) के बिना 325 हेडमास्टर और लेक्चरर को प्रमोशन देने के मामले में शिक्षकों ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। शिक्षकों ने कोर्ट से स्टे वेकेट करने की एप्लीकेशन फाइल करने के लिए विभाग को 10 दिन का समय दिया है।
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26 नवंबर तक मामले में विभाग की ओर से अर्जी नहीं दी गई तो शिक्षक कोर्ट चले जाएंगे। प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने विभाग पर मामले में गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।

शिक्षा विभाग डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) के बिना ही 135 हेडमास्टर और 190 लेक्चरर कैडर के शिक्षकों को सिर्फ नाम के लिए पदोन्नत करने जा रहा है। वर्ष 2013 में भी 376 प्रिंसिपलों को बिना डीपीसी के ही प्रिंसिपलों के पद पर समायोजित कर दिया और उन्हें भी आज तक प्रिंसिपल पद (प्रमोशन) का लाभ नहीं मिला है।
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हेडमास्टर और लेक्चरर का आरोप है कि 2007 से अब तक 1650 से अधिक प्रिंसिपल नियमित नहीं हो सके हैं। इस कारण इन्हें लाखों में वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब फिर से विभाग इस प्रक्रिया को दोहरा रहा है। इससे शिक्षकों को प्रिंसिपल का पद तो मिल जाएगा, लेकिन वेतन और अन्य वित्तीय लाभ शिक्षकों के ही रहेंगे।

एक्स सर्विसमैन कोटे वाले शिक्षकों ने सेना के कार्यकाल को सिनियोरिटी में न देने के फैसले पर हाईकोर्ट से स्टे करवा दिया। इसे शिक्षक संघ वेकेट करने की मांग कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष विरेंद्र चौहान के अनुसार सरकार को विभाग को स्टे वेकेंट करने के लिए याचिका दायर करने को 10 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि तक शिक्षकों के हित्त में कोई कदम नहीं उठाया जाता तो संघ की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। साथ ही पूर्व में बिना डीपीसी के पदोन्नत किए शिक्षकों के लिए भी लाभ मांगा जाएगा।
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