तत्कालीन जुन्गा रियासत के वारिस की मौत के शोक स्वरूप विशेेष कार्यक्रमों पर रोक
क्रॉसर
मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आते रहेंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शारदीय नवरात्र में इस बार तारादेवी मंदिर में विशेष आयोजन नहीं होंगे। इस दौरान मंदिर में नियमित पूजा होगी लेकिन मंदिर में अन्य विशेष कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। नवरात्र में इस बार न तो मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा और न ही रंग बिरंगी लाइटें लगेंगी।
तारादेवी मंदिर के ट्रस्टी दीपेंद्र रोहाल ने बताया कि जुन्गा के राजा के देहांत के शोक स्वरूप कार्यक्रमों पर रोक लगी है। इसमें नवरात्र पर होने पर किसी भी तरह के मेले और कुश्ती यहां नहीं होगी। शहर में सात अक्तूबर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। ऐसे में लोग अपनी कुल देवी के दर्शनों के लिए मंदिर आते हैं। लेकिन शिमला से करीब अठारह किलोमीटर दूर तारा देवी में इस बार भव्य आयोजन नहीं होंगे। मंदिर में कोविड प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करने होंगे।
शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में किसी तरह की तैयारी नहीं की है। मंदिर कमेटी के सदस्य और पूर्व में सचिव रहे डॉ. कलोल प्रमाणिक ने बताया कि मंदिर में पुराने प्रोटोकॉल की अनुपालना की जा रही है। इसमें मंदिर के मुख्यद्वार से लोग इस बार मां के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में घंटी बजाने और प्रसाद बांटने पर मनाही रहेगी। कमेटी का कहना है कि प्रशासन इस बीच अगर कोई निर्देश जारी करते हैं तो उसके बाद आगामी तैयारियां की जाएंगी। शहर के साथ मंदिर होने के कारण भारी संख्या में लोग दर्शनों के लिए आते हैं। इस कारण भक्तों की भीड़ काफी रहती है। ऐसे में भारी भीड़ को देखते हुए कोरोना नियमों के तहत मंदिर में भक्तों को दर्शन करवाए जा रहे हैं। मां के दर्शनों के लिए मंदिर के बाहर स्क्रीन लगाई गईं हैं।
पहले की तरह कर
सकेंगे दर्शन : नेगी
डीसी आदित्य नेगी ने बताया कि मंदिरों में दर्शनों को लेकर सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं मिले हैं। ऐसे में अभी मंदिरों में पहले की तरह भक्तों को दर्शन करने दिए जाएंगे। इस दौरान कोविड-19 के नियमों की पालना करनी होगी।