लारजी हादसा मानवीय परिंदों के साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग पर भारी पड़ गया है। साहसिक खेल के लिए अफ्रीका के बाद दूसरे स्थान पर आने वाली कांगड़ा की बिलिंग घाटी में प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने टेंडम उड़ानों पर रोक लगा दी है।
पर्यटन विभाग के जारी आदेशों में कहा गया है कि बिलिंग घाटी में हो रही टेंडम उड़ानों के दौरान किसी अनहोनी घटना को रोकने के लिए ऐसा किया है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्तमान में टेंडम उड़ानों को अंजाम दे रहे पायलटों को टेस्ट के बाद ही अनुमति प्रदान की जाएगी।
इस रोक से बीड़ के पांच दर्जन पायलट रोजगार से मोहताज हो गए हैं। पर्यटन सीजन होने के कारण बाहरी प्रदेशों व विदेशी नागरिक बड़ी संख्या में बिलिंग से टेंडम उड़ान भरते थे।
कारोबार पर पड़ेगा असर
टेंडम उड़ानों पर रोक लगने से स्थानीय टैक्सी चालकों, होटल व्यवसायियों व अन्य व्यापारियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। स्थानीय पायलटों ज्योति ठाकुर, रवि, अरविंद पाल, राजेश अवस्थी, प्रिंस ठाकुर, सुभाष चंद, कमल कुमार ने पर्यटन विभाग से उन्हें अनुमति देने का आग्रह किया है।
बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के निदेशक अनुराग शर्मा का कहना है कि मामले को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। एसडीएम ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि पर्यटन विभाग ने टेंडम उड़ानों पर रोक लगा दी है। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक प्रभात चौधरी ने बताया कि पायलट औपचारिकताएं पूरी करके अनुमति ले सकते हैं। सुरक्षा को देखते हुए ऐसे कदम उठाए जाते हैं।
क्या है टेंडम उड़ान
टेंडम उड़ान में पायलट अपने साथ एक अन्य व्यक्ति के साथ पैराग्लाइडर से उड़ान भरता है और पूर्व में तय समय के अनुरूप खुले आकाश में समय बिताने के बाद लैंड करता है। इसकी एवज में व्यक्ति पायलट को तय राशि अदा करता है।